सांकेतिक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
IND vs PAK: टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ खेलने से मना कर दिया है। इस फैसले के बाद भारत की राजनीति गरमा गई है और विपक्षी नेताओं ने बीसीसीआई समेत केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। नेताओं का कहना है कि भारत को खुद ही पहले खेलने से मना कर देना चाहिए था। यह घटना अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुकी है और विपक्ष सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठा रहा है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि पहलगाम हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद ही भारत को पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने से साफ इनकार कर देना चाहिए था। विपक्ष का आरोप है कि आईसीसी भी इस मामले में लाचार नजर आ रहा है। नेताओं ने मांग की है कि इस मुद्दे को वैश्विक स्तर पर उठाया जाना चाहिए था कि हम कोई मैच नहीं खेलेंगे।
शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने पाकिस्तान के इस कदम को बीसीसीआई के मुंह पर सबसे बड़ा तमाचा बताया है। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई दुनिया की सबसे अमीर और ताकतवर क्रिकेट संस्था है। इसके बावजूद ऐसी स्थिति बनी। प्रियंका ने याद दिलाया कि आतंकी हमलों और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद उन्होंने कई बार पाकिस्तान की भूमिका का मुद्दा उठाया था। हमलों में जान गंवाने वाले 26 लोगों के परिवार भी अपील करते रहे कि पाकिस्तान के साथ मैच नहीं होना चाहिए।
इसके साथ ही टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि पाकिस्तान जानता है कि वह भारत से जीत नहीं सकता, इसलिए उसने अपनी इज्जत बचाने के लिए यह फैसला लिया। कीर्ति ने कहा कि जब पहलगाम में 26 लोग मारे गए थे तभी भारत के पास एक बड़ा मौका था कि वह वर्ल्ड कप में खेलने से मना कर देता और दुनिया को कड़ा संदेश देता कि हम आतंकवाद के खिलाफ हैं।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस पूरे घटनाक्रम को शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को बाहर करने के मुद्दे को भी इससे जोड़ा। थरूर ने कहा कि मुस्तफिजुर को मना नहीं किया जाना चाहिए था, शायद बांग्लादेश की प्रतिक्रिया ज्यादा थी, लेकिन पाकिस्तान अब बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रहा है।
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थरूर ने कहा कि खेल का राजनीतिकरण हो गया है और यह सभी के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ है। उन्होंने कहा कि आईसीसी को एक प्लेटफॉर्म बनना चाहिए ताकि इस तरह की चीजें हमेशा न चलती रहें। वहीं, अखिलेश यादव ने कहा कि भारत सरकार को अपनी विदेश नीति पर विचार करना होगा कि वह किस दिशा में जा रही है। कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने जोर देकर कहा कि अगर पाकिस्तान ऐसे नखरे दिखाता है तो आईसीसी को उस पर बैन लगा देना चाहिए यह अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।