‘मुझे वनडे क्रिकेट कभी समझ में नहीं आया…’, सूर्यकुमार यादव का बड़ा कबूलनामा, खुद की फॉर्म पर तोड़ी चुप्पी
Suryakumar Yadav: सूर्यकुमार यादव ने हाल में ही वनडे क्रिकेट के बारे में बात की है। सूर्या का मानना है कि उनके लिए वनडे क्रिकेट काफी मुश्किल रहा है, जिसे वो अब तक समझ नहीं पाए हैं।
- Written By: संजय बिष्ट
सूर्यकुमार यादव (फोटो-सोशल मीडिया)
Suryakumar Yadav on ODI Cricket: भारत के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने वनडे क्रिकेट को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें वनडे फॉर्मेट कभी पूरी तरह समझ नहीं आया। सूर्यकुमार का कहना है कि उन्होंने इस फॉर्मेट में अच्छा प्रदर्शन करने की पूरी कोशिश की, लेकिन यह उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।
सूर्यकुमार यादव 2023 वनडे वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का हिस्सा थे। हालांकि उस टूर्नामेंट के बाद उन्होंने वनडे क्रिकेट में कोई मैच नहीं खेला। उनका आखिरी वनडे मुकाबला 2023 वर्ल्ड कप का फाइनल था। दिलचस्प बात यह है कि इसी मैदान पर उन्होंने हाल ही में 2026 टी20 वर्ल्ड कप जीतकर उस हार की यादों को कुछ हद तक पीछे छोड़ दिया।
2023 वर्ल्ड कप फाइनल बना करियर का अहम मोड़
सूर्यकुमार यादव को 2023 वर्ल्ड कप में भारत के फिनिशर के रूप में टीम में शामिल किया गया था। हालांकि उस समय उनका वनडे औसत 34 पारियों में सिर्फ 26 का था। फाइनल मुकाबले में उन्होंने 28 गेंदों में सिर्फ 18 रन बनाए थे, जिसे भारत की हार के प्रमुख कारणों में से एक माना गया। वर्ल्ड कप के बाद से सूर्यकुमार यादव ने वनडे फॉर्मेट से दूरी बना ली है और उनका पूरा फोकस टी20 क्रिकेट पर दिखाई देता है।
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मैं वनडे फॉर्मेट नहीं समझ पाया- सूर्यकुमार यादव
सूर्यकुमार यादव के मुताबिक वनडे क्रिकेट में बल्लेबाज को अलग-अलग परिस्थितियों में तीन तरह से बल्लेबाजी करनी पड़ती है। यही कारण है कि यह फॉर्मेट उनके लिए काफी जटिल रहा। उन्होंने कहा- “मुझे लगता है कि मैंने ODI क्रिकेट को जितना करीब से अनुभव किया है और देखा है, यह एक ऐसा फॉर्मेट है जहाँ आपको तीन अलग-अलग तरीकों से बैटिंग करनी पड़ती है। कभी-कभी, अगर आप जल्दी बैटिंग करने जाते हैं तो विकेट जल्दी गिर जाते हैं। आपको टेस्ट क्रिकेट की तरह बैटिंग करनी पड़ती है। फिर आपको एक अच्छे स्ट्राइक रेट के साथ बैटिंग करनी पड़ती है, जैसा कि वनडे में होता है। और फिर बाद में, इनिंग्स के आखिर में, आपको वैसे बैटिंग करनी पड़ती है जैसे आप T20 फॉर्मेट में करते हैं। तो, यह एक ऐसा फॉर्मेट है जिसे मैं कभी समझ ही नहीं पाया। मैंने इसे खेलने की पूरी कोशिश की। लेकिन फिर भी, यह एक चुनौतीपूर्ण फ़ॉर्मेट है।”
टेस्ट क्रिकेट में भी नहीं मिला ज्यादा मौका
सूर्यकुमार यादव का टेस्ट करियर भी ज्यादा लंबा नहीं रहा। उन्हें 2023 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान भारतीय टीम में मौका मिला था, लेकिन सिर्फ एक मैच के बाद ही उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि किस्मत में जो लिखा होता है वही मिलता है और उनके करियर में टी20 फॉर्मेट सबसे ज्यादा सफल रहा।
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टी20 के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि “आपकी किस्मत में जो लिखा होता है, आपको वही मिलता है। मैंने शुरुआत रेड-बॉल क्रिकेट से ही की थी, और 10-12 साल तक रणजी ट्रॉफी खेली। मैंने बॉम्बे में बहुत ज़्यादा रेड-बॉल क्रिकेट खेला, क्योंकि अगर आप बॉम्बे में बड़े होते हैं, तो आप शुरुआत रेड-बॉल से ही करते हैं। इसलिए सब कुछ रेड-बॉल के इर्द-गिर्द ही घूमता है। लेकिन धीरे-धीरे, जब हमने व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलना शुरू किया, तो मेरा झुकाव थोड़ा उस तरफ हो गया। और उसके बाद, मैं इस फॉर्मेट (T20) में आया। मैंने वन-डे क्रिकेट में भी अच्छा खेलने की बहुत कोशिश की, लेकिन वहाँ कुछ खास नहीं हो पाया।”
