भारत बनाम पाकिस्तान (फोटो-सोशल मीडिया)
India Blamed For ICC Men’s T20 World Cup 2026 Chaos: आईसीसी के पूर्व संचार प्रमुख और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के पूर्व मीडिया निदेशक समी-उल-हसन बर्नी ने कहा है कि टी20 विश्व कप में भारत के खिलाफ बड़े मैच का बहिष्कार पाकिस्तान के लिए एक कठिन निर्णय रहा होगा। उनका कहना है कि पाकिस्तान सरकार और PCB ने इस फैसले से पहले कई विशेषज्ञों से सलाह ली होगी और कानूनी पहलुओं पर विचार किया होगा।
बर्नी ने यह भी बताया कि पाकिस्तान ने 15 फरवरी को कोलंबो में भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार किया, जो बांग्लादेश के समर्थन में उठाया गया कदम माना जा रहा है। बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में खेलने से मना किया था, जिसके बाद उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया।
बर्नी ने संकेत दिया कि पाकिस्तान को इस निर्णय के लिए ICC से वित्तीय जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है और राजस्व का नुकसान हो सकता है, जो लाखों डॉलर तक हो सकता है। उन्होंने कहा, “जहां तक सजा या नुकसान की बात है, उस एक मैच की कीमत लगभग 25 करोड़ डॉलर है। लेकिन पाकिस्तान का सालाना राजस्व 3.55 करोड़ डॉलर है, इसलिए बड़े अंतर के बावजूद वे टिक सकते हैं।” उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पाकिस्तान पिछले दो दशक से भारत के साथ द्विपक्षीय मैच नहीं खेल पाया और इसके बावजूद टी20 विश्व कप 2009 और चैंपियन्स ट्रॉफी 2017 जैसे टूर्नामेंट जीतने में सफल रहा।
बर्नी ने BCCI द्वारा बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर करने के तरीके की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि BCCI को इस तरह का सार्वजनिक बयान देने की जरूरत नहीं थी और इसे निजी तौर पर फ्रेंचाइजी के माध्यम से हल किया जा सकता था। बर्नी के अनुसार, “तीन जनवरी की घोषणा ने हालात को और उकसा दिया।”
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पूर्व पत्रकार और PCB के मीडिया निदेशक रह चुके बर्नी ने यह भी बताया कि PCB प्रमुख मोहसिन नकवी को भारत और बांग्लादेश से जुड़े निर्णयों में दोहरे मापदंड महसूस हुए। उन्होंने कहा कि नियमों में बदलाव की यह भावना PCB और नकवी के लिए सबसे बड़ी चिंता का कारण बनी। बर्नी का मानना है कि पाकिस्तान ने अपने फैसले के परिणामों का पूरा आकलन किया और यह निर्णय आसान नहीं था।