आर पी सिंह की शुरुआती क्रिकेट यात्रा बेहद प्रभावशाली रही। 2004 में बांग्लादेश में आयोजित अंडर-19 विश्व कप में उनके प्रदर्शन ने सभी का ध्यान खींचा। इसके बाद उत्तर प्रदेश की ओर से रणजी ट्रॉफी में भी उन्होंने लगातार मजबूत प्रदर्शन किया। घरेलू क्रिकेट में अपने शानदार प्रदर्शन के कारण उन्हें 2005 में भारतीय वनडे टीम में शामिल होने का मौका मिला। डेब्यू के तुरंत बाद उन्होंने खुद को साबित किया और एमएस धोनी की कप्तानी वाली टीम में मुख्य गेंदबाज के रूप में अपनी पहचान बनाई।
वो खिलाड़ी जिसने 2007 टी20 वर्ल्ड कप में फेंका था चमत्कारी ओवर, महज 6 सालों में ही खत्म हो गया करियर
Happy Birthday RP Singh: भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज आरपी सिंह अपना 40वां जन्मदिन मना रहे हैं। आरपी सिंह ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
- Written By: उज्जवल सिन्हा
Updated On:
Dec 06, 2025 | 06:10 AM
आर पी सिंह (फोटो-सोशल मीडिया)
Rudra Pratap Singh Birthday: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज आर पी सिंह आज 6 दिसंबर 2025 को अपना 40वां जन्मदिन मना रहे हैं। आर पी सिंह ने भारतीय टीम के लिए कई शानदार स्पैल डाले हैं और मुकाबले को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। आरपी सिंह ने जहीर खान और आशीष नेहरा की कमी की अच्छी तरह भरपाई की थी। इन दोनों की मौजूदगी में ही भारतीय टीम में बाएं हाथ के एक और तेज गेंदबाज आर पी सिंह ने मजबूती से भारतीय टीम में जगह बनाई और एक समय अवधि में बड़ी सफलता हासिल की।
6 दिसंबर 1985 को रायबरेली, उत्तर प्रदेश में जन्मे आर पी सिंह का जन्म हुआ था। उनका पूरा नाम रुद्र प्रताप सिंह है। रुद्र बचपन से ही एक क्रिकेटर बनने का सपना देखते थे। वह बाएं हाथ के बेहद प्रभावी गेंदबाज थे। उनकी गेंदों में तेजी के साथ ही स्विंग थी जो बल्लेबाजों को अक्सर परेशान किया करती थी। इस वजह से घरेलू और अंडर-19 क्रिकेट में आर पी सिंह को बड़ी सफलता मिली।
अंडर-19 वर्ल्ड कप में किया था शानदार प्रदर्शन
2007 का वर्ल्ड कप दिलाने में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका
आर पी सिंह की टी20 क्रिकेट में उपलब्धि भी यादगार रही। 2007 में भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका में खेले गए पहले टी20 विश्व कप का खिताब जीता, जिसमें आर पी सिंह की भूमिका अहम रही। उन्होंने 7 मैचों में 12 विकेट लेकर टूर्नामेंट में दूसरे सबसे सफल गेंदबाज का रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद के दो साल तक उन्होंने भारत के लिए लगातार टी20 मुकाबले खेले और टीम को कई मौकों पर जीत दिलाने में योगदान दिया।
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वर्ल्ड कप का वो चमत्कारी ओवर
आर पी सिंह ने 2007 के विश्व कप के फाइनल में अपने नाम 3 विकेट किए थे। 26 रन के स्कोर पर पाक के दो विकेट गिर चुके थे, जो आर पी सिंह ने ही लिए थे। आरपी ने ओपनर बल्लेबाज मोहम्मद हफीज को 1 रन और फिर कामरान अकमल को जीरो रन पर वापस पवेलियन भेज दिया था। यहीं से पाकिस्तान के लिए जीत कि राह मुश्किल हो गई थी। लक्ष्य का पीछा करना उनके लिए नाकाम रहा। यह मैच भारत ने 5 रन से जीत लिया था। आरपी सिंह ने 4 ओवर में 26 रन देकर 3 विकेट चटकाए थे। उस समय महेंद्र सिंह धोनी ने वर्ल्ड कप जीतने में अहम योगदान आर पी सिंह का ही माना था।
2011 में खेला था आखिरी मुकाबला
आर पी सिंह की क्रिकेट यात्रा शानदार शुरू हुई, लेकिन 2009 के बाद उनकी फॉर्म और फिटनेस में गिरावट आने लगी, जिसके कारण उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। दुर्भाग्यवश, वह 2011 के वनडे विश्व कप का हिस्सा भी नहीं बन सके। जहीर खान की इंजरी के बाद सितंबर-अक्टूबर 2011 में उन्हें भारतीय टीम में आखिरी मौका मिला, लेकिन उस सीरीज में उनका प्रदर्शन प्रभावहीन रहा और इसके बाद उन्हें टीम में वापसी नहीं मिली।
आर पी सिंह ने 2005 से 2011 के बीच 14 टेस्ट मैचों में 40 विकेट, 58 वनडे में 69 विकेट और 10 टी20 मैचों में 15 विकेट हासिल किए। आईपीएल में 82 मैचों में उन्होंने 90 विकेट लिए। 2018 में उन्होंने क्रिकेट से संन्यास ले लिया और उसके बाद कमेंट्री में सक्रिय रहे। वर्तमान में आर पी सिंह भारतीय टीम के चयनकर्ता के रूप में भी योगदान दे रहे हैं।
Rp singh celebrates 40th birthday on 6 dec 2025 know his journey
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Published On:
Dec 06, 2025 | 06:10 AM
