

Rohit Sharma News: भारतीय वनडे कप्तान रोहित शर्मा ने शनिवार, 20 सितंबर को बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भारत की अंडर-19 टीम के खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनके साथ एक खास इंटरएक्टिव सेशन भी किया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अक्टूबर में होने वाली वनडे सीरीज़ की तैयारी में व्यस्त रहने के बावजूद रोहित ने युवाओं से मिलने के लिए समय निकाला, जो इन खिलाड़ियों के लिए बेहद यादगार पल साबित हुआ।
इस टीम में कई उभरते हुए क्रिकेटर शामिल हैं, जिनमें वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे जैसे नाम प्रमुख हैं। रोहित का उद्देश्य सिर्फ क्रिकेट की तकनीक सिखाना नहीं था, बल्कि उन्होंने युवाओं को यह भी समझाया कि बड़े स्तर पर सफलता पाने के लिए सही मानसिकता और अनुशासन कितना जरूरी है। उन्होंने साफ कहा कि केवल टैलेंट काफी नहीं होता, बल्कि निरंतर मेहनत, आत्मविश्वास और धैर्य ही किसी खिलाड़ी को लंबा करियर दिलाते हैं।
रोहित ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में दबाव से निपटना ही असली चुनौती होती है। उन्होंने युवाओं को यह संदेश दिया कि मैदान पर धैर्य बनाए रखना, अपनी फिटनेस पर काम करना और टीम के लिए योगदान देना ही असली सफलता की कुंजी है। रोहित ने कहा कि उनके करियर में भी ऐसे कई मौके आए जब उन्हें कठिनाइयों से जूझना पड़ा, लेकिन आत्मविश्वास और मेहनत ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ाया।
इस मौके पर COE प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण भी मौजूद रहे। लक्ष्मण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर रोहित को धन्यवाद देते हुए लिखा, “धन्यवाद @ImRo45, अंडर-19 लड़कों को प्रेरित करने के लिए। आपकी बातों ने उन्हें याद दिलाया कि जहां प्रतिभा एक हद तक ले जाती है, वहीं मेहनत और आत्मविश्वास ही खिलाड़ी को असली ऊंचाई तक पहुंचाते हैं। आपने यह भी साबित किया कि क्रिकेट सिर्फ रन और विकेट का खेल नहीं है, बल्कि यह हिम्मत, चरित्र और अपने सपनों को पूरा करने की यात्रा है।”
सेशन के दौरान रोहित ने नेट प्रैक्टिस देखी और खिलाड़ियों से एक-एक कर बातचीत भी की। मुंबई के युवा बल्लेबाज आयुष म्हात्रे और सरफराज खान के साथ रोहित की चर्चा काफी देर तक चली। इस दौरान रोहित शर्मा ने आयुष म्हात्रे को अपना बैट भी गिफ्ट किया। यह पल आयुष के लिए बेहद खास रहा और उन्होंने कहा कि यह तो उनके क्रिकेट करियर का यादगार तोहफा है।
रोहित का यह कदम युवाओं के लिए किसी मास्टरक्लास से कम नहीं रहा। खिलाड़ियों को न सिर्फ एक इंटरनेशनल स्टार से सीखने का मौका मिला बल्कि यह भी समझ आया कि सफलता का रास्ता केवल टैलेंट से नहीं, बल्कि सही दृष्टिकोण और कड़ी मेहनत से बनता है।