

Rohit Sharma Gives Update On His ODI Future: भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और वनडे क्रिकेट के नंबर-1 बल्लेबाज रोहित शर्मा ने अपने वनडे करियर को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। रोहित शर्मा ने कहा कि वो अभी लंबे समय तक खेलना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि जितना हो सके वो उतने लंबे समय तक टॉप पर बने रहना चाहते हैं।
रोहित शर्मा ने साल 2025 का अंत नंबर-1 वनडे रैंकिंग के साथ कर रहे हैं। मुंबई के 38 साल के इस क्रिकेटर ने 2025 में भारत के लिए सभी 14 वनडे मैच खेले और दो शतक और चार अर्धशतकों की मदद से कुल 650 रन बनाए। अक्टूबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया में तीन मैचों की वनडे सीरीज में बल्ले से अपने शानदार प्रदर्शन किया। शानदार प्रदर्शन के लिए रोहित को मैन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार दिया गया। उसके बाद उन्होंने हाल में खत्म हुए साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में भी अपनी फॉर्म को बरकरार रखा और कुछ अर्धशतकीय पारी खेली।
ऑस्ट्रेलिया के उस सीरीज से पहले रोहित शर्मा के फॉर्म और भविष्य को लेकर एक बड़ा सवाल था। लेकिन उन्होंने अपने बल्ले से सभी को शांत कर दिया। रोहित शर्मा ने बतौर कप्तान भारत को टी20 वर्ल्ड कप का विजेता बनाया। इसके साथ ही साल 2025 में रोहित की कप्तानी में ही भारतीय टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया।
अब रोहित शर्मा, भारत के घरेलू क्रिकेट विजय हजारे ट्रॉफी में खेलते दिखेंगे। इस टूर्नामेंट से पहले रोहित शर्मा ने रविवार (21 दिसंबर) को गुरुग्राम में एक इवेंट में शामिल हुए। जहां उन्होंने वहां बैठे लोगों को संबोधित करते हुए कहा इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने भविष्य के बारे में भी एक बड़ा अपडेट दे दिया। उन्होंने बताया कि वो लंबे समय तक भारत के लिए खेलना चाहते है। इससे यह तो साफ हो गया है कि रोहित वर्ल्ड कप 2027 के पूरी तरह से तैयार हैं।
इवेंट के दौरान रोहित ने कहा कि मेरा भी लाइफ कुछ ऐसा ही था, शुरू करना बहुत मुश्किल था। लेकिन एक बार जब मैंने मोमेंटम पकड़ा, जब मैं प्लेन में प्लेन में बैठा, तो उस प्लेन ने जो ऊंचाई पकड़ी है, वह अभी तक नीचे नहीं आई है। मुझे लगता है कि यही मायने रखता है, और मैं नहीं चाहता कि वह प्लेन इतनी जल्दी लैंड करे। मुझे अभी तक ऊपर रहना है। मुझे यकीन है कि यहां सभी प्लेन पर सफर कर चुके हैं। इसलिए मैंने यह उदाहरण दिया।
उन्होंने आगे कहा कि जब प्लेन 35,000-40,000 फीट की ऊंचाई पर पहुंचता है, तो आपको अच्छा और रिलैक्स महसूस होता है; हम खाते हैं और सोते हैं। तो ज़िंदगी भी ऐसी ही है। एक बार जब आप वह मोमेंटम पकड़ लेते हैं, तो मुझे लगता है कि यह जरूरी है कि आप बने रहें, और फिर जाहिर है लैंडिंग भी जरूरी है, लेकिन यह आप पर निर्भर करता है कि आप कब लैंड करना चाहते हैं।