

Michael Smith Appointed As Pakistan's New Batting Coach: लगातार खराब बल्लेबाजी को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रही पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने बड़ा बदलाव किया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर माइकल स्मिथ को पुरुष टीम का नया बैटिंग कोच नियुक्त किया है। 46 वर्षीय स्मिथ अगले दो वर्षों तक पाकिस्तान की टेस्ट और सीमित ओवरों की दोनों टीमों के साथ काम करेंगे। बोर्ड ने 4 अगस्त यानी आज उनकी नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
माइकल स्मिथ मौजूदा समय में वेस्टइंडीज दौरे पर मौजूद पाकिस्तान टीम के साथ नहीं जुड़ेंगे। वो इंग्लैंड के खिलाफ 19 अगस्त से शुरू होने वाली तीन मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले टीम का हिस्सा बनेंगे। पीसीबी को उम्मीद है कि उनका अनुभव पाकिस्तान की बल्लेबाजी को नई दिशा देगा और टीम के प्रदर्शन में सुधार लाएगा। पीसीबी ने उन्हें नियमित कोच बनाकर पूर्व दिग्गज बल्लेबाज असद शफीक की जगह सौंपी है, जो अब तक टीम के साथ अंतरिम बैटिंग कोच की भूमिका निभा रहे थे।
माइकल स्मिथ का घरेलू क्रिकेट करियर भी काफी शानदार रहा है। उन्होंने 2003 से 2013 के बीच 89 फर्स्ट क्लास, 72 लिस्ट-ए और 16 T20 मुकाबले खेले। इस दौरान उन्होंने तीनों फॉर्मेट में मिलाकर 7,029 रन बनाए, जिसमें 9 शतक और 40 अर्धशतक शामिल हैं।
कोचिंग के क्षेत्र में भी स्मिथ के पास अच्छा अनुभव है। उनके पास लेवल-4 कोचिंग क्वालिफिकेशन है, जिसे क्रिकेट कोचिंग का सबसे उच्च प्रमाणपत्र माना जाता है। वह पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) की तीन फ्रेंचाइजी इस्लामाबाद यूनाइटेड, कराची किंग्स और मुल्तान सुल्तान्स के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रह चुके हैं।
इसके अलावा स्मिथ ऑस्ट्रेलिया की होबार्ट हरिकेन्स और क्रिकेट तस्मानिया के साथ बैटिंग कोच की भूमिका निभा चुके हैं। कोचिंग कंसल्टेंट के तौर पर उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की केजेडएन इनलैंड और ईस्टर्न प्रोविंस टीमों के साथ भी काम किया है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने माइकल स्मिथ को दो साल के अनुबंध पर नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान की बल्लेबाजी लगातार सवालों के घेरे में रही है। हाल के वर्षों में टेस्ट क्रिकेट में टीम की कमजोर बल्लेबाजी और लगातार हार ने बोर्ड को बदलाव करने के लिए मजबूर किया।
अब इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से माइकल स्मिथ के सामने सबसे बड़ी चुनौती पाकिस्तान के बल्लेबाजों का आत्मविश्वास वापस लौटाना और टीम को बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करना होगी।