रविचंद्रन अश्विन (फोटो-सोशल मीडिया)
Ashwin on IPL Retirement: भारत के पूर्व स्टार ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने हाल ही में खुलासा किया कि अगर उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के साथ अपने अंतिम आईपीएल सत्र में मानसिक और भावनात्मक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता, तो वह शायद इंडियन प्रीमियर लीग में कुछ और समय तक खेलते। अश्विन ने यह बात अपने यूट्यूब चैनल ‘ऐश की बात’ पर साझा की।
अश्विन ने बताया कि उन्होंने 2024 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था और इसके बाद पिछले साल आईपीएल से भी विदाई ली। उन्होंने कहा कि उनका यह निर्णय न केवल व्यक्तिगत कारणों से था, बल्कि टीम के लिए भी उचित था। “मैंने सीएसके के साथ एक ऐसा सत्र बिताया जो मेरे लिए निराशाजनक और मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण था। मुझे लगता था कि मैं और खेल सकता हूं, लेकिन मेरे पास भावनात्मक रूप से चीजों को संभालने की शक्ति नहीं थी।”
अश्विन ने आगे बताया कि आईपीएल 2025 के दौरान उनका इस्तेमाल सीमित था। CSK ने 14 मैचों में से केवल 9 मैचों में उन्हें खिलाया। इस वजह से अश्विन ने टीम से अपनी भूमिका स्पष्ट करने के लिए बातचीत की, लेकिन अंततः उन्होंने निर्णय लिया कि अपने करियर का समापन अपने गृहनगर की टीम CSK के साथ ही करना उचित होगा।
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रविचंद्रन अश्विन ने कहा, “मैं वहां नहीं जाना चाहता। वह अनुभव मेरे लिए मानसिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण और भावनात्मक रूप से पीड़ादायक था। इसलिए मैंने यह तय किया कि अपने आईपीएल करियर का समापन वहीं करूंगा, जहां से मैंने इसे शुरू किया था।”
अश्विन ने यह भी बताया कि उनके संन्यास से टीम प्रबंधन को किसी भी दुविधा में नहीं पड़ा। “इससे टीम को यह निर्णय लेने की परेशानी नहीं हुई कि मुझे टीम में रखें या बाहर करें। इसके साथ ही CSK को लगभग 10 करोड़ रुपये की बचत भी हुई,” उन्होंने हँसते हुए कहा। अश्विन को CSK ने 9.75 करोड़ रुपये में खरीदा था। रविचंद्रन अश्विन की यह ईमानदार प्रतिक्रिया दर्शाती है कि पेशेवर क्रिकेट में केवल कौशल ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक मजबूती भी बहुत महत्वपूर्ण होती है।