South Zone East Zone Duleep Trophy: दलीप ट्रॉफी का फाइनल चेन्नई में में ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेला जा रहा है। ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने दोहरा शतक जड़कर टूर्नामेंट में इतिहास रच दिया है। इस टूर्नामेंट के फाइनल में दोहरा शतक लगाने वाले ईशान पहले बल्लेबाज बन गए हैं। फाइनल में साउथ जोन के खिलाफ ऐतिहासिक पारी खेलने के बाद रेड बॉल क्रिकेट में भी ईशान की वापसी को लेकर चयनकर्ता अब सोचने पर मजबूर होंगे। बता दें कि ईशान किशन टीम इंडिया के लिए आखिरी बार साल 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच में खेले थे।
2023 में ही दिसंबर में टीम इंडिया साउथ अफ्रीका के दौरे पर गई थी। इसी दौरे पर ईशान किशन भी टीम में थे और अचानक उन्होंने ब्रेक लेने की घोषणा की थी। उस दौरान उनकी जगह टीम में केएस भरत को शामिल किया गया था। इसी दौरे के बाद ईशान किशन के लिए मुश्किलों का दौर शुरू हो गया था।
बता दें कि ईशान किशन को लेकर कहा गया कि वो प्लेइंग इलेवन में लगातार मौके न मिलने की वजह से बीच सीरीज में टीम से अलग हो गए थे। ईशान किशन ने जब साउथ अफ्रीका दौरे के दौरान ब्रेक मांगा, तो उस समय टीम एंडिया के होड कोच राहुल द्रविड ने कुछ हिदायत के साथ उनको ब्रेक पर जाने दिया।
द्रविड़ ने हिदायत यह दी थी कि ईशान घरेलू क्रिकेट में रणजी ट्रॉफी खेलें, लेकिन ईशान ने उनकी बात को नजरअंदाज किया और रणजी ट्रॉफी में नहीं खेले थे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद IPL शुरू होने वाला था और ऐसे में ईशान किशन भी आईपीएल की तैयारी करने के लिए हार्दिक पंड्या के साथ प्रैक्टिस करते हुए दिखे थे।
इसके बाद बीसीसीआई और चयनकर्ताओं के लिए यह प्रतिष्ठा का सवाल बन गया। पहले ही बीसीसीआई ने सख्त निर्देश जारी किया था कि टीम इंडिया में उसी खिलाड़ी को चुना जाएगा जो घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेगा, लेकिन ईशान किशन ने बात नहीं मानी। इस पूरे विवाद के बीच बीसीसीआई ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से ईशान का का पत्ता काट दिया। ईशान के साथ-साथ उसी साल श्रेयस अय्यर को भी कॉन्ट्रैक्ट नहीं मिला था। श्रेयस अय्यर पर आरोप था कि उन्होंने चोटिल होने का बहाना बनाकर घरेलू क्रिकेट से खुद को अलग रखा था।
इस पूरे विवाद के बाद टीम इंडिया के तीनों फॉर्मेट से ईशान किशन को नजरअंदाज कर दिया गया। सीरीज दर सीरीज बीतती गई लेकिन उनको मौका नहीं दिया गया। इसके बाद ईशान किशन के पास अब कोई रास्ता नहीं बचा था और फिर उन्होंने वही किया जो टीम इंडिया में दोबारा जगह पाने के लिए हर खिलाड़ी को करना पड़ता है।
ईशान किशन ने झारखंड के लिए घरेलू क्रिकेट में वापसी की और जहां सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी से उनकी किस्मत बदल गई। उनकी कप्तानी में झारखंड की टीम टूर्नामेंट में चैंपियन बनी। इस दौरान कप्तान ईशान ने भी रनों का अंबार लगाया।
इसके बाद ईशान किशन को जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया में चुना गया और फिर ईशान ने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। वापसी होते ही चौथे मुकाबले में उन्होंने शतक जड़ दिया। टी20 क्रिकेट के बाद ईशान किशन की वनडे टीम में भी वापसी हो गई और अब दलीप ट्रॉफी के फाइनल में दोहरा शतक जड़कर उन्होंने रेड बॉल टीम में भी वापसी को लेकर अपनी दावेदारी पेश कर दी है।