

बर्मिंघम: बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरा टेस्ट 336 रनों से जीतकर न सिर्फ सीरीज बराबर की, बल्कि पांच दिनों के भीतर एक दर्जन से अधिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। इस ऐतिहासिक जीत में कप्तान शुभमन गिल, तेज गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज, विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ऋषभ पंत और डेब्यू करने वाले आकाश दीप ने निर्णायक भूमिका निभाई।
इस जीत के साथ भारत ने एजबेस्टन में अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज की और 2021 की गाबा विजय की यादें ताज़ा कर दीं। साथ ही हेडिंग्ले में मिली पिछली हार का बदला भी चुकता कर दिया। अब सीरीज 1-1 से बराबरी पर पहुंच गई है और दोनों टीमें निर्णायक मुकाबले के लिए कमर कस चुकी हैं। गिल की कप्तानी और बल्लेबाज़ी का कमाल कप्तान के रूप में सिर्फ अपने दूसरे टेस्ट में शुभमन गिल ने करिश्माई प्रदर्शन किया। उन्होंने पहली पारी में दोहरा शतक और दूसरी पारी में 161 रन बनाए, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
गेंदबाज़ों का कहर तेज गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज ने पहली पारी में 6 विकेट लिए, जबकि डेब्यू टेस्ट खेल रहे आकाश दीप ने कुल 10 विकेट चटकाए, जिसमें चौथी पारी में 5 विकेट शामिल थे। बारिश के कारण आखिरी दिन खेल में बाधा आने के बावजूद, भारतीय गेंदबाज़ों ने सत्र भर में इंग्लैंड के 7 विकेट गिरा दिए। पंत और जडेजा की उपयोगी पारियां ऋषभ पंत ने अपनी तेजतर्रार बल्लेबाज़ी से खेल की रफ्तार बदली, वहीं रवींद्र जडेजा ने दोनों पारियों में अर्धशतक जमाते हुए टीम की कुल बढ़त को मज़बूती दी। आइए एक नजर डालते हैं कि कौन कौन से रिकॉर्ड बने हैं...
इस टेस्ट में शुभमन गिल ने 11 छक्के लगाए, जो भारतीय टेस्ट इतिहास में तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उनसे आगे केवल रोहित शर्मा (13 छक्के बनाम दक्षिण अफ्रीका, विशाखापत्तनम, 2019) और यशस्वी जायसवाल (12 छक्के बनाम इंग्लैंड, राजकोट, 2024) हैं।
| खिलाड़ी का नाम | पहली पारी में रन | दूसरी पारी में रन | कुल रन | विपक्षी टीम | स्थान | वर्ष |
|---|---|---|---|---|---|---|
| शुभमन गिल | 269 | 161 | 430 | इंग्लैंड | बर्मिंघम | 2025 |
| सुनील गावस्कर | 124 | 220 | 344 | वेस्ट इंडीज | पोर्ट ऑफ स्पेन | 1971 |
| वी.वी.एस. लक्ष्मण | 59 | 281 | 340 | ऑस्ट्रेलिया | कोलकाता | 2001 |
| सौरव गांगुली | 239 | 91 | 330 | पाकिस्तान | बेंगलुरु | 2007 |
| वीरेंद्र सहवाग | 319 | — | 319 | दक्षिण अफ्रीका | चेन्नई | 2008 |
| वीरेंद्र सहवाग | 309 | — | 309 | पाकिस्तान | मुल्तान | 2004 |
| राहुल द्रविड़ | 233 | 72* | 305 | ऑस्ट्रेलिया | एडिलेड | 2003 |
| करुण नायर | 303* | — | 303 | इंग्लैंड | चेन्नई | 2016 |
| रोहित शर्मा | 176 | 127 | 303 | दक्षिण अफ्रीका | विशाखापत्तनम | 2019 |
| सचिन तेंदुलकर | 241* | 60* | 301 | ऑस्ट्रेलिया | सिडनी | 2004 |
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25 वर्ष और 298 दिन की उम्र में गिल टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले एमएके पटौदी के बाद दूसरे सबसे युवा भारतीय कप्तान बन गए। पटौदी की उम्र 23 वर्ष और 39 दिन थी जब उन्होंने 1964 में दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में इंग्लिश टीम के विरुद्ध दोहरा शतक लगाया था।| खिलाड़ी | विपक्षी | रन | गेंदें | 4/6 | स्थान | वर्ष |
|---|---|---|---|---|---|---|
| वीरेंद्र सहवाग | पाकिस्तान | 309 | 375 | 39/6 | मुलतान | 2004 |
| वीरेंद्र सहवाग | दक्षिण अफ्रीका | 319 | 304 | 42/5 | चेन्नई | 2008 |
| करुण नायर | इंग्लैंड | 303* | 381 | 32/4 | चेन्नई | 2016 |
| वीरेंद्र सहवाग | श्रीलंका | 293 | 254 | 40/7 | मुंबई (बीएस) | 2009 |
| वीवीएस लक्ष्मण | ऑस्ट्रेलिया | 281 | 452 | 44/0 | कोलकाता | 2001 |
| राहुल द्रविड़ | पाकिस्तान | 270 | 495 | 34/1 | रावलपिंडी | 2004 |
| शुभमन गिल | इंग्लैंड | 269 | 387 | 30/3 | बर्मिंघम | 2025 |
| विराट कोहली | दक्षिण अफ्रीका | 254* | 336 | 33/2 | पुणे | 2019 |
| वीरेंद्र सहवाग | पाकिस्तान | 254 | 247 | 47/1 | लाहौर | 2006 |
| सचिन तेंदुलकर | बांगलादेश | 248* | 379 | 35/0 | ढाका | 2004 |