

लंदन: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल 11 जून से 15 जून तक ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच इंग्लैंड के लॉर्ड्स में खेला जाएगा। आज से महज दो दिनों बाद ही विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की विजेता ऑस्ट्रेलिया की टीम अपनी खिताब बचाने उतरेगी। वहीं साउथ अफ्रीका इस चैंपियनशिप के फाइनल में पहली बार पहुंची है।
दक्षिण अफ्रीका ने अपने क्रिकेट इतिहास में अब तक सिर्फ एक बार ही आईसीसी ट्रॉफी जीती है। अब वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल उनके लिए 20 साल से ज्यादा लंबे इंतजार को खत्म करने का अच्छा मौका है। टेम्बा बावुमा की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका के पास पहली बार कोई बड़ा वर्ल्ड खिताब जीतने का सुनहरा मौका है। नतीजा चाहे जो भी हो, इस हफ्ते लॉर्ड्स के मैदान पर इतिहास बनना तय है।
पिछली बार ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के खिताब पर कब्जा जमाया था। वहीं ऑस्ट्रेलिया की टीम इस खिताब को बचाने उतरेगी। अगर ऑस्ट्रेलिया ऐसा करने में कामयाब होता है तो आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के इतिहास में खिताब बरकरार रखने वाली पहली टीम बन जाएगी।
ICC ने इस बार विजेता टीम के लिए पुरस्कार राशि को दोगुना से भी ज़्यादा कर दिया है। पहले दो संस्करणों में विजेताओं को 1.6 मिलियन अमरीकी डॉलर की मोटी रकम मिलती थी, जिसे अब बढ़ाकर 3.6 मिलियन अमरीकी डॉलर कर दिया गया है। पिछले दो संस्करणों में उपविजेता टीम को 8,00,000 अमरीकी डॉलर की तुलना में इस बार 2.16 मिलियन अमरीकी डॉलर मिलेंगे।
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप स्टैंडिंग में साउथ अफ्रीका शीर्ष पर रही और इसके साथ ही फाइनल में प्रवेश किया। उन्होंने चैंपियनशिप के दौरान कुल 12 मैच खेले। उसमें से 8 में जीत दर्ज की, जबकि तीन में हार का सामना करना पड़ा। एक मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ। साउथ अफ्रीका इस समय टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 पर है।
संन्यास के बाद हेनरिक क्लासेन ने तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘मुझे फर्क नहीं पड़ता, साउथ अफ्रीका जीते या हारे’वहीं ऑस्ट्रेलिया इस चैंपियनशिप के दौरान दूसरे नंबर पर रहा और लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बनाई। ऑस्ट्रेलिया ने चैंपियनशिप के दौरान कुल 19 टेस्ट खेले। जिसमें 13 में जीत मिली, जबकि 4 मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। वहीं दो मुकाबला ड्रॉ भी रहा। ऑस्ट्रेलिया अंक तालिका में दूसरे नंबर पर है।
साउथ अफ्रीका: टोनी डी ज़ोरज़ी, रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), एडेन मारक्रम, टेम्बा बावुमा (कप्तान), डेविड बेडिंघम, ट्रिस्टन स्टब्स, काइल वेरिन (विकेटकीपर), वियान मुल्डर, मार्को जेनसन, कॉर्बिन बॉश, कगिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी, डेन पैटरसन, केशव महाराज, सेनुरन मुथुसामी
ऑस्ट्रेलिया: उस्मान ख्वाजा, सैम कोंस्टास, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ, ट्रैविस हेड, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), जोश इंग्लिस (विकेटकीपर), कैमरून ग्रीन, ब्यू वेबस्टर, पैट कमिंस (कप्तान), मिशेल स्टार्क, जोश हेजलवुड, स्कॉट बोलैंड, नाथन लियोन, मैट कुहनेमैन।