डेल स्टेन ने बताया यशस्वी को सफल होने का 'सचिन मंत्र'! क्या छोड़ पाएंगे ये चीज? चर्चा में है बयान

IND vs SA: डेल स्टेन ने यशस्वी जायसवाल को सचिन तेंदुलकर की तरह उनकी एक खास शॉट को त्यागने की सलाह दी है। गुवाहाटी टेस्ट में जायसवाल ने कट शॉट खेलते हुए अपना विकेट गंवा दिया था।
डेल स्टेन ने बताया यशस्वी को सफल होने का 'सचिन मंत्र'! क्या छोड़ पाएंगे ये चीज़? चर्चा में है बयान
यशस्वी जायसवाल और डेल स्टेन (फोटो- सोशल मीडिया)
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Dale Steyn on Yashasvi Jaiswal: गुवाहाटी टेस्ट के चौथे दिन यशस्वी जायसवाल एक बार फिर उसी गलती का शिकार बने, जिसने उन्हें पिछली कई पारियों में परेशान किया है। दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज मार्को यानसेन की उछाल लेती गेंद पर यशस्वी ने कट शॉट खेलने की कोशिश की और गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर सीधे विकेटकीपर काइल वेरेन के हाथों में जा बैठी। इसी तकनीकी कमजोरी को लेकर अब दिग्गज तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने उन्हें खास सलाह दी है।

डेल स्टेन ने यशस्वी जायसवाल को दिया 'सचिन मंत्र'

स्टेन ने जियोस्टार के शो Cricket Live में कहा कि यशस्वी का कट शॉट उनकी सबसे बड़ी ताकत है, लेकिन फिलहाल यह कमजोरी भी बन गया है। उन्होंने बताया कि कई बार बल्लेबाज को कुछ शॉट्स को कुछ समय के लिए छोड़ना पड़ता है। जैसे सचिन तेंदुलकर ने एक सीरीज में अपने ड्राइव शॉट को त्याग दिया था। स्टेन ने यशस्वी जायसवाल की बल्लेबाजी पर कहा कि “जब गेंद आपके पसंदीदा एरिया में आती है तो उसे खेलने का मन हो ही जाता है। लेकिन यशस्वी को फिलहाल इससे बचना होगा। उन्हें फैसला करना होगा कि जब तक गेंद बिल्कुल सही जगह न हो, तब तक वह यह शॉट न खेलें।” उन्होंने यह भी कहा कि जायसवाल को अपने डिफेंस पर भरोसा करना होगा, खासकर उस लाइन पर जहां गेंद का बल्ले का किनारा लेने का खतरा ज्यादा रहता है।

बाएं हाथ के गेंदबाजों के खिलाफ ज्यादा खतरा

स्टेन ने बताया कि दाएं हाथ के गेंदबाजों के खिलाफ यशस्वी यह शॉट आसानी से खेलते हैं, लेकिन यानसेन जैसे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अलग तरह की चुनौती खड़ी करते हैं। उनकी गेंद अक्सर उम्मीद से ज्यादा शरीर के करीब आती है, जिससे कट खेलने की कोशिश में गलती की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि “ऐसी गेंदें या तो स्टंप्स पर जा लगती हैं या बल्ले का बाहरी किनारा लेकर विकेट के पीछे चली जाती हैं। यशस्वी को यह समझना होगा कि यानसेन जैसी एंगल पर गेंदबाजी करने वाले गेंदबाजों के खिलाफ शॉट सिलेक्शन बेहद अहम है।”

भारतीय बल्लेबाज दूसरी पारी में भी संघर्ष करते दिखे

गुवाहाटी की पिच पर जहां दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों ने ठोस प्रदर्शन किया, वहीं भारतीय बल्लेबाजों को दोनों पारियों में ही दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दूसरी पारी में भी टीम इंडिया शुरुआत में लड़खड़ा गई और चौथे दिन खेल खत्म होने तक स्कोर 27/2 रहा। भारत को लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अब भी 522 रनों की दरकार है, जो लगभग नामुमकिन सा दिखाई देता है।

साउथ अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी 260/5 पर घोषित करके 549 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य दिया है। अब आखिरी दिन टीम इंडिया का लक्ष्य जीत नहीं, बल्कि मैच को किसी तरह ड्रॉ तक ले जाना होगा।

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