उन्मुक्त चंद (सोर्स- सोशल मीडिया)
स्पोर्ट्स डेस्क: भारतीय टीम को अंडर-19 वर्ल्ड कप जिताने वाले उन्मुक्त चंद आज अपना 32वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्मुक्त चंद ने रणजी ट्रॉफी में दिल्ली के लिए शानदार बल्लेबाजी कर लोगों का दिल जीता था। उन्होंने आईपीएल में भी अपनी बल्लेबाजी का जलवा दिखाया था। हालांकि, उन्हें कभी राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिली।
जिसकी वजह से भारत के धुरंधर खिलाड़ियों में से एक उन्मुक्त चंद ने महज 28 साल की उम्र में ही संन्यास का ऐलान कर दिया था। उनके इस फैसले से हर कोई हैरान था। हालांकि, अब उन्मुक्त चंद अमेरिका के लिए खेलते हैं। उन्होंने अमेरिका में माइनर लीग क्रिकेट (एमएलसी) के 2021 सीजन के लिए सिलिकॉन वैली स्ट्राइकर्स के साथ अनुबंध किया था।
उन्मुक्त चंद ने महज 28 साल की उम्र में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था। उन्मुक्त ने टोयोटा माइनर लीग क्रिकेट चैंपियनशिप के दौरान मॉर्गन हिल आउटडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में सोशल लैशिंग्स के खिलाफ स्ट्राइकर्स के लिए डेब्यू किया। आपको बता दें कि उन्मुक्त चंद भारत के ओपनिंग बल्लेबाज थे। उन्होंने 2012 में भारत के लिए अंडर-19 विश्व कप जीता था।
रणजी में दिल्ली के लिए खेलने वाले उन्मुक्त चंद हमेशा ओपनिंग करते थे। उन्मुक्त चंद एक अच्छे खिलाड़ी थे। लेकिन, जिस समय वे फॉर्म में थे, उस समय राष्ट्रीय टीम में पहले से ही बड़े खिलाड़ी शामिल थे। जिसके कारण उन्हें कभी राष्ट्रीय टीम में शामिल होने का मौका नहीं मिला। इसी कारण उन्होंने 28 साल की उम्र में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से इस्तीफा दे दिया और अमेरिका चले गए।
भारत ए के पूर्व कप्तान रह चुके उन्मुक्त चंद आईपीएल में भी अपना जलवा दिखा चुके हैं। उन्मुक्त चंद का जन्म 26 मार्च 1993 को दिल्ली में हुआ था। उन्होंने 18 साल की उम्र में दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए आईपीएल में डेब्यू किया था। वे आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स, मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के सदस्य रहे। उन्होंने एक दशक से भी ज्यादा समय तक घरेलू क्रिकेट खेला।
खेल जगत की अन्य सभी ख़बरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
आपको बता दें कि उन्मुक्त चंद ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश क्रिकेट लीग में खेलने वाले पहले भारतीय हैं। इस खिलाड़ी ने साल 2021-22 सीजन के लिए मेलबर्न रेनेगेड्स के साथ करार किया था। उन्होंने अपने क्रिकेट के सपने को पूरा करने के लिए भारत से नाता तोड़कर अमेरिका का दामन थाम लिया। अब वह अमेरिकी टीम के लिए खेलते हैं।