HSBC चैंपियनशिप 2025 में कार्लोस अल्काराज ने लहराया परचम, जिरी लहेच्का को हराकर खिताब में किया कब्जा
स्पेन के 22 वर्षीय कार्लोस अल्काराज ने विंबलडन क्वींस क्लब चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया है। विंबलडन से ठीक 8 दिन पहले स्पेन के इस युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि है।
- Written By: संजय सिंह बिष्ट
कार्लोस अल्काराज (फोटो- Carlos Alcaraz Garfia/Instagram)
स्पेन के 22 वर्षीय कार्लोस अल्काराज ने क्वींस क्लब चैंपियनशिप (HSBC) का खिताब अपने नाम कर लिया है। विंबलडन से ठीक 8 दिन पहले स्पेन के इस युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने टूर्नामेंट के फाइनल चेक के जिरी लहेच्का को 7-5, 6-7 और 6-2 से हराकर ये खिताब अपने नाम किया। गौरतलब है कि स्पेन के युवा खिलाड़ी के लिए ये उनका दूसरा क्वींस क्लब का खिताब है।
ये जीत अल्काराज के लिए काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा है कि इस खिताब को उठाकर वो बहुत ज्यादा खुश हैं। खिताबी जीत के बाद अल्काराज ने कहा है कि “यह टूर्नामेंट मेरे लिए बेहद खास है और वो एक बार फिर से ट्रॉफी उठाकर काफी खुश हैं।”
मैं बिना किसी उम्मीद के आया था- कार्लोस अल्काराज
इसके आगे उन्होंने कहा कि “मैं बिना किसी उम्मीद के यहां पर आया था। बस अच्छा टेनिस खेलने की कोशिश की गई। मैं भाग्यशाली हूं कि चैंपियन बना। यहां मेरे बहुत से दोस्त और परिवार वाले आए हैं, उन्होंने मुझे कोर्ट के अंदर और बाहर वास्तव में सहज महसूस कराया।”
सम्बंधित ख़बरें
IND vs AFG: अफगानिस्तान ने जीता टॉस, भारत को दिया गेंदबाजी का न्योता, टीम इंडिया में हुए 3 बड़े बदलाव
FIFA World Cup में बड़ा उलटफेर, पराग्वे ने तुर्की को दी करारी शिकस्त, टूर्नामेंट का सफर किया खत्म
FIFA World Cup: स्कॉटलैंड के खिलाफ खेलेंगे नेमार, ब्राजील के कोच एंसेलोटी ने की पुष्टि
FIFA World Cup: हैती पर 3-0 की एकतरफा जीत के साथ चमका ब्राजील, मैथ्यूज कुन्हा ने किए दो गोल
अब ग्रास कोर्ट में ढल गया हूं- अल्काराज
जीत के बाद अल्काराज ने ग्रास कोर्ट के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि “मिट्टी से ग्रास पर सिर्फ दो दिन के अभ्यास के बाद आना मुश्किल भरा रहा। यहां पर आने का मेरा लक्ष्य दो-तीन मैच खेलकर ग्रास पर सहज होना था, लेकिन मैं जल्द ही ग्रास पर ढल गया और मुझे इस बात पर काफी गर्व हैं।”
‘अपने चौकै के चक्कर में…’, ऋषभ पंत का ये फनी वीडियो नहीं देखा तो फिर क्या देखा
फाइनल में हार का मुंह देखने वाले खिलाड़ी चेक के जिरी लहेच्का ने भी दो सेट में अच्छे खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने मैच गंवाने के बाद कहा है कि “मेरे लिए अब शब्द ढूंढने थोड़े मुश्किल हो रहे हैं, लेकिन, मैं फिर भी बहुत खुश हूं कि मुझे आज खिताब के लिए लड़ने का मौका मिला। मैंने आज अपना सबकुछ दिया, बदकिस्मती से ये पर्याप्त नहीं था। कार्लोस और उनकी टीम को उनके शानदार काम के लिए बधाई।”
