श्रीकांत किदांबी का जन्मदिन: करियर के लिए चुना मांसाहार, बड़े भाई की जिद ने बनाया नंबर 1 प्लेयर

Srikanth Kidambi Birthday Special
श्रीकांत किदांबी
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नवभारत स्पोर्ट्स डेस्क: बैडमिंटन (badminton) के स्टार खिलाड़ी श्रीकांत किदांबी (Srikanth Kidambi Birthday) का आज यानी 7 फरवरी को जन्मदिन है। उनका जन्म सन 1993 में हुआ था। इस साल वह अपना 31 वां जन्मदिन बना रहे हैं। श्रीकांत किदांबी बेहद शानदार खिलाड़ी हैं, जिन्होंने कई मौकों पर देश का नाम रोशन किया है। 

कामयाबी के पीछे बड़े भाई का हाथ 

श्रीकांत के कामयाबी की सबसे बड़ी वजह हैं उनके बड़े भाई नंदगोपाल हैं, जो खुद भी एक बैडमिंटन खिलाड़ी रहे हैं। सालों पहले नंदगोपाल ने बैडमिंटन को करियर बनाने का फैसला किया, जिसने श्रीकांत की भी जिंदगी बदल दी। दोनों पहले जी सुधाकर रेड्डी की अकेडमी में ट्रेनिंग करते थे, जिन्होंने दोनों भाईयों को गोपीचंद अकेडमी से जुड़ने की सलाह दी थी। 

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किदांबी श्रीकांत (PIC Credit: Social Media)

अकेडमी में जगह बनाने में नाकाम 

जिसके बाद गोपीचंद ने नंदगोपाल को अकेडमी के लिए चुन लिया, लेकिन श्रीकांत अपनी जगह बनाने में नाकाम रहे। वो घर आए और बैडमिंटन से पूरी तरह दूर हो गए। वह भाई के बिना काफी उदास हो गए थे। बेटे की इस हालत में देखकर माता-पिता ने गोपीचंद से बात की और उन्हें मनाने की बहुत कोशिश की। जिसके बाद श्रीकांत को भी अकेडमी में ट्रेनिंग के लिए चुन लिया गया।  

बनना पड़ा मांसाहारी 

उसके बाद गोपीचंद को भी श्रीकांत की प्रतिभा नज़र आने लगी। जिसके बाद उन्होंने खिलाड़ी को डबल्स छोड़कर सिंगल्स वर्ग में खेलने को कहा। जिसके लिए श्रीकांत को मांसाहारी खाना पड़ा। अपनी डाइट में अपनी ट्रेनिंग में कई बदलाव करने पड़े, लेकिन इसका असर दिखना लगा। श्रीकांत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता। इसके बाद आया साल 2017 जहां इस खिलाड़ी ने तीन सुपर सीरीज जीतकर इतिहास रचा।  

इंजरी के बाद जोरदार वापसी 

श्रीकांत किदांबी ऐसे खिलाड़ी हैं जो हर मुश्किल के बाद वापसी करना जानते हैं। बीते एक दशक में जितनी बार श्रीकांत को इंजरी और खराब फॉर्म ने परेशान किया है, वह उतनी बार जोरदार वापसी करते हैं। वह इंजरी के कारण फिर से फॉर्म से बाहर चले गए और टोक्यो ओलिंपिक्स के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाए। हालांकि उन्होंने फिर से वापसी की और साल 2021 में वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचे और फिर अगले साल देश को थॉमस कप जिताने में अहम रोल निभाया। 

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