IIT की तैयारी छोड़ थामे बॉक्सिंग ग्लव्स, चोटों से जंग जीतकर कोटा की अरुंधति ने रचा इतिहास, CWG में जीता गोल्ड
Arundhati Choudhary in CWG 2026: कोटा की बेटी अरुंधति चौधरी ने IIT छोड़ मुक्केबाजी चुनी और CWG 2026 में 70 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीता। कलाई में फ्रैक्चर और गंभीर चोटों से उबरकर अरुंधति ने रचा इतिहास।
- Written By: अर्पित शुक्ला
अरुंधति चौधरी (Image- Social Media)
Arundhati Choudhary Gold Medal: भारतीय महिला मुक्केबाज अरुंधति चौधरी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 70 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने इंग्लैंड की शैंटली रीड को एकतरफा अंदाज में हराकर भारत का गौरव बढ़ाया। पूरे टूर्नामेंट में अरुंधति ने दमदार प्रदर्शन किया और किसी भी मुकाबले में अपने प्रतिद्वंद्वियों को वापसी का मौका नहीं दिया।
ऐसे तय किया गोल्ड तक का सफर
कॉमनवेल्थ गेम्स में अरुंधति का अभियान बेहद प्रभावशाली रहा।
- क्वार्टर फाइनल: न्यूजीलैंड की मॉर्गन हेंडरसन को हराया।
- सेमीफाइनल: पिछली कॉमनवेल्थ चैंपियन वेल्स की रोज़ी एकल्स को मात दी।
- फाइनल: इंग्लैंड की शैंटली रीड को हराकर स्वर्ण पदक जीता।
Arundhati Choudhary adds to India’s incredible boxing haul, claiming Women’s 70kg gold 😮💨🇮🇳 pic.twitter.com/hpfVwZHE8r — Glasgow 2026 (@Glasgow_2026) August 1, 2026
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IIT नहीं, खेल का मैदान चुना
राजस्थान के कोटा में जन्मीं अरुंधति चौधरी का परिवार चाहता था कि वह पढ़ाई में आगे बढ़ें। उनके पिता सुरेश चौधरी, जो प्रॉपर्टी व्यवसाय से जुड़े हैं, चाहते थे कि बेटी आईआईटी की तैयारी करे। लेकिन अरुंधति ने खेलों को अपना करियर बनाने का फैसला किया। शुरुआत में वह बास्केटबॉल खेलती थीं और अपनी टीम की कप्तान भी रहीं। हालांकि 15 वर्ष की उम्र में उन्होंने बॉक्सिंग को चुना और यही फैसला उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। कोच अशोक गौतम के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी तकनीक और फिटनेस पर लगातार काम किया, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया।
चोटों से नहीं टूटा हौसला
अरुंधति का करियर आसान नहीं रहा। उन्हें कई गंभीर चोटों का सामना करना पड़ा। कलाई में फ्रैक्चर हुआ और सर्जरी के बाद प्लेट लगानी पड़ी। एंकल की गंभीर चोट लगी। सिर (हेड) की चोट के कारण लंबे समय तक प्रतियोगिताओं से दूर रहना पड़ा। करीब डेढ़ से दो साल तक रिंग से बाहर रहने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। वापसी के बाद लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए कई अंतरराष्ट्रीय पदक जीते और अब कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वर्ण भी अपने नाम कर लिया। अरुंधति चौधरी भारतीय सेना में हवलदार के पद पर कार्यरत हैं। खेल और सैन्य सेवा के बीच संतुलन बनाते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है।
अब ओलंपिक गोल्ड पर नजर
कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अरुंधति का अगला बड़ा लक्ष्य लॉस एंजेलिस ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। ग्लास्गो में उनका प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि वह आने वाली बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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भारतीय महिला मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय महिला बॉक्सरों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदकों की झड़ी लगा दी।
- साक्षी चौधरी – 51 किग्रा वर्ग – गोल्ड
- प्रीति पवार – 54 किग्रा वर्ग – गोल्ड
- जैस्मीन लंबोरिया – 57 किग्रा वर्ग – गोल्ड
- प्रिया घनघस – 60 किग्रा वर्ग – गोल्ड
- अरुंधति चौधरी – 70 किग्रा वर्ग – गोल्ड
- लवलीना बोरगोहेन- रजत
