Ancy Sojan Record: एंसी सोजन ने रचा इतिहास, लंबी कूद में अंजू बॉबी जॉर्ज का 22 साल पुराना नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा

Ancy Sojan Long Jump Record: केरल की एंसी सोजन ने राष्ट्रीय अंतर प्रांत चैंपियनशिप में इतिहास रच दिया है। उन्होंने लंबी कूद में दिग्गज अंजू बॉबी जॉर्ज का 22 साल पुराना ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ दिया।
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एंसी सोजान (सौजन्य-एक्स)
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Ancy Sojan Breaks Anju Bobby George Record: भारतीय एथलेटिक्स से एक बहुत ही बड़ी और गर्व करने वाली खबर सामने आई है। केरल की बेहतरीन लंबी कूद (लॉन्ग जंप) खिलाड़ी एंसी सोजन ने राष्ट्रीय अंतर प्रांत चैंपियनशिप में शनिवार को इतिहास रच दिया। 25 साल की एंसी ने मैदान पर वो कमाल कर दिखाया, जिसका इंतजार देश को पिछले 22 सालों से था। उन्होंने दिग्गज एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज के ऐतिहासिक नेशनल रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया है।

टूटा 22 साल पुराना ऐतिहासिक रिकॉर्ड

इस प्रतियोगिता में एंसी सोजन ने शानदार फॉर्म दिखाते हुए 6.88 मीटर की जबरदस्त लंबी छलांग लगाई। इस ऐतिहासिक छलांग के साथ ही उन्होंने पूर्व विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता अंजू बॉबी जॉर्ज के 6.83 मीटर के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। आपको बता दें कि दिग्गज अंजू ने यह शानदार रिकॉर्ड साल 2004 के एथेंस ओलंपिक के दौरान बनाया था, जिसे आज तक कोई भारतीय छू भी नहीं पाया था।

एशियाई खेलों के लिए किया क्वालिफाई

अपनी इस जादुई छलांग के साथ एंसी ने न सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ द्वारा तय किए गए एशियाई खेलों के क्वालीफाइंग आंकड़े को भी आसानी से पार कर लिया। एशियाई खेलों के लिए 6.48 मीटर का लक्ष्य रखा गया था। एंसी इससे पहले इसी सत्र में 6.75 मीटर की कूद लगा चुकी थीं, जो उनका पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था और वह एशिया की दूसरी सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनी हुई थीं।

अधिकारियों की लापरवाही से बवाल

एक तरफ जहां देश एंसी की कामयाबी का जश्न मना रहा था, वहीं दूसरी तरफ मैदान पर अधिकारियों की एक बड़ी और हैरान करने वाली लापरवाही भी देखने को मिली। इस बड़ी गलती का खामियाजा तमिलनाडु की धाविका आर. हर्षिता को भुगतना पड़ा। महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ (हर्डल्स) के दौरान अधिकारियों ने एक बड़ी चूक कर दी।

खिलाड़ी को अकेले दोबारा दौड़ना पड़ा

दरअसल, रेस अधिकारियों की गलती की वजह से हर्षिता की रेस लेन में जितनी बाधाएं होनी चाहिए थीं, उतनी नहीं रखी गईं। नियम के मुताबिक वहां 10 बाधाएं होनी चाहिए थीं, लेकिन सिर्फ 9 बाधाओं के पोल ही लगाए गए थे। इस तकनीकी गड़बड़ी का पता चलने के बाद अधिकारियों ने हर्षिता को अकेले दोबारा दौड़ने को कहा।

दोबारा दौड़ने की वजह से हर्षिता काफी थक चुकी थीं और उनका लय बिगड़ गया। नतीजा यह हुआ कि इतनी मेहनत के बाद भी वह प्रतियोगिता के फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाईं। अधिकारियों की इस बड़ी लापरवाही की अब हर तरफ चर्चा हो रही है।

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