(डिजाइन फोटो)
पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘‘निशानेबाज, एक शेर है- उम्रेदराज मांग कर लाए थे चार दिन, दो आरजू में कट गए, दो इंतजार में! सभी जानते हैं कि इंसान की एक तिहाई उम्र सोने में बीत जाती है। इसीलिए नारायण मूर्ति ने भारत के युवाओं से कहा है कि वे सप्ताह में 70 घंटे काम करें। इसी तरह एलन मस्क और बिल क्लिंटन ने भी कहा है कि लोगों को प्रतिदिन 18 घंटे काम करना चाहिए। इस बारे में आपकी क्या राय है?’’
हमने कहा, ‘‘यह सारी बातें अपनी जगह बहुत अच्छी हैं लेकिन अगले माह पेरिस ओलम्पिक में भाग लेनेवाले भारतीय खिलाड़ियों से कहा गया है कि रात देर तक न जागें। यदि उन्होंने पूरी नींद ली तो खेल में उनका परफार्मेंस बढि़या रहेगा और चोट भी नहीं लगेगी। नींद से तनाव दूर होता है। गहरी नींद व्यक्ति को तरोताजा कर देती है। इन खिलाड़ियों को स्लीपिंग किट और स्लीप एडवाइजर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इंसान की शरीर रूपी बैटरी की नींद से चार्जिंग हो जाती है।’’
पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, लक्ष्मण ने निद्रा पर विजय पाई थी। राम और सीता के वनवास के 14 वर्षों में लक्ष्मण एक क्षण के लिए भी नहीं सोए। दूसरी ओर उसी रामायण काल में कुंभकर्ण था जो 6 महीने सोता रहता था। रावण ने उसे जगाने के लिए कान के पास नगाडे बजवाए थे और उसकी छाती पर हाथी दौड़ाए थे तब बड़ी मुश्किल से उसकी नींद टूटी। उठते ही उसने कई घड़े मदिरा पी डाली और फिर रावण से पूछा कि मुझे क्यों जगाया? तब रावण ने उससे राम की सेना से लड़ने भेजा।’’
हमने कहा, ‘‘जिसे अपना स्वास्थ्य अच्छा रखना है उसे आलस्य त्याग कर सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए। आपने सुना होगा- उठ जाग मुसाफिर, भोर भई अब रैन कहां जो सोवत है। जो व्यक्ति जितना सक्रिय रहता है उसका दिमाग और हाथ पैर उतना ही अच्छा काम करते हैं। अंग्रेजी में भी कहा गया है- अर्ली टु बेड, अर्ली टु राइज मेक्स ए मैन हेल्दी, वेल्दी एंड वाइज! जल्दी सोने और जल्दी उठनेवाला व्यक्ति स्वस्थ, धनवान और बुद्धिमान बनता है।’’
पड़ोसी ने कहा, ‘‘यह पुरानी बातें हैं आज की पीढ़ी देर रात तक जागती है और देर से सोकर उठती है। वह मानकर चलती है- किस-किस की फिक्र कीजिए, किस-किस को रोइए, आराम बड़ी चीज है, मुंह ढक के सोइए!’’ लेख चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा