Navbharat Nishanebaaz: वोट चोरी के मुद्दे पर हंगामा, कड़वी हकीकत या फिर ड्रामा

Vote Theft Debate: वोट चोरी के आरोपों को लेकर सियासी संग्राम जारी है। ‘निशानेबाज’ और पड़ोसी की बातचीत में चोरी, राजनीति और चुनावी व्यवस्था पर व्यंग्यात्मक चर्चा की गई है।
Vote Theft Political Debate
निशानेबाजफोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन
Published on: 
Updated on: 

Vote Theft Political Debate: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, वोट चोरी के ज्वलंत मुद्दे पर महासंग्राम जारी है। विपक्षी पार्टियों का इंडिया गठबंधन इसे लेकर आरपार की लड़ाई का इरादा रखता है। हमें बताइए कि चोरी को लेकर आपकी क्या राय है?'

हमने कहा, 'चोरी तो प्राचीन काल से चली आ रही है। भगवान कृष्ण को उनके भक्त प्रेम से माखनचोर और चितचोर कहते हैं। इस कलियुग में वोट चोर पैदा हो गए हैं। ऐसे भक्तों की कमी नहीं है, जो इतने छल-कपट के बावजूद श्रद्धाभाव से भाजपा का भजन करते हैं। शास्त्रों में चोरी को 64 कलाओं में से एक माना गया है।'

Vote Theft Political Debate
जयंती विशेष: गांधी जी ने की थी चोरी, फिर पिता को लिखी चिट्ठी; पढ़कर आंखों में आ गए थे आंसू

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, आप ऐसी दलीलें देकर चोरी को सही नहीं ठहरा सकते। चोरी करना पाप और अपराध दोनों है। जो वस्तु अपनी नहीं है, उस पर नजर नहीं डालनी चाहिए। संस्कृत में कहा गया है- 'इदं न मम' अर्थात यह मेरा नहीं है।'

हमने कहा, 'वोट चोरी हो या चंदा चोरी, आज का समय ऐसा है कि 'राम- राम जपना, पराया माल अपना !' चोरी को फिल्मी गीतों में पर्याप्त महत्व दिया गया है। आपने सुना होगा 'चुरा लिया

है तुमने जो दिल तो, नजर नहीं चुराना सनम, बदल के मेरी जिंदगानी कहीं बदल ना जाना सनम !' 'चोरी चोरी जो तुमसे मिले तो लोग क्या कहेंगे, अजी इसे प्यार कहेंगे!' 'तेरे नैनों ने चोरी किया, मेरा छोटा सा जिया, परदेसिया!' 'नींद चुराई तूने, चैन चुराया तूने, किसने ओ सनम तूने !' भक्त कवि संत सूरदास का पद था 'मधुकर, श्याम हमारे चोर, मन हर लियो माधुरी मूरत, निरख नयन की कोर!'

Vote Theft Political Debate
Koffee With Karan 9: सलमान खान से शाहरुख-आर्यन तक, करण जौहर की कॉफी विद करण के नए सीजन में दिखेंगे बड़े सितारे

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, हमें याद है कि राजकपूर व नरगिस की एक फिल्म का नाम चोरी-चोरी था। उसमें गीत था-'जहां मैं जाती हूं, वहीं चले आते हो, चोरी-चोरी मेरे दिल में समाते हो, ये तो बताओ कि तुम मेरे कौन हो!' सलमान खान, रानी मुखर्जी और प्रीति जिंटा की फिल्म का नाम था चोरी-चोरी चुपके-चुपके ! देवआनंद की फिल्म बुलेट का गाना था 'चोरी चोरी चुपके-चुपके तेरे मेरे बिन इस कमरे में और कौन है, किसने बुलाया बिना पूछे चला आया इसे पकड़ो ये चोर कौन है!' जहां तक चंदा चोरी और वोट चोरी के आरोपों की बात है, इसके जवाब में मुंहजोरी करते हुए गुलाम अली की गजल गाई जा सकती है- 'हंगामा है क्यों बरपा, चोरी तो नहीं की है, डाका तो नहीं डाला !'

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com