Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

नवभारत विशेष: NCERT ने वापस ली विवादित पुस्तक, न्यायपालिका को ‘भ्रष्ट’ बताने पर भड़का सुप्रीम कोर्ट

NCERT Class 8 Book Ban: सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा 8 की सोशल साइंस पुस्तक में न्यायपालिका को 'भ्रष्ट' बताने पर कड़ा रुख अपनाते हुए इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया और प्रतियों को जब्त करने का आदेश दिया है।

  • Written By: आकाश मसने
Updated On: Feb 28, 2026 | 11:43 AM

सुप्रीम कोर्ट (डिजाइन फोटो)

Follow Us
Close
Follow Us:

Supreme Court on NCERT: एनसीईआरटी ने संबंधित पुस्तक के ई-वर्जन को अपनी वेबसाइट से उतार लिया है और जो 32 हार्ड कॉपी बिक गई थीं, उन्हें भी वापस लेने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि 2,24,968 किताबों को विक्रेताओं के पास से वापस वेयरहाउस में मंगा लिया गया है। विवादित पुस्तक की 2.25 लाख प्रतियां छापी गईं थीं। यह सब काम सुप्रीम कोर्ट के गुस्से के बाद हुआ है।

विवाद के केंद्र में कक्षा 8 के लिए तैयार की गई सोशल साइंस की नई पाठ्यपुस्तक (भाग 2) है, जिसे एनसीईआरटी ने प्रकाशित किया है और इसका संपादन मिशेल डानिनो व अलोक प्रसन्ना ने किया है। इस किताब के पाठ 4, जिसका शीर्षक है ‘हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका’, इसमें न्यायपालिका के समक्ष चुनौतियों का उल्लेख किया गया है। चुनौतियों में भ्रष्टाचार, बहुत बड़ी संख्या में लम्बित मुकदमें और न्यायाधीशों की कमी को विशेषरूप से शामिल किया गया है।

न्यायपालिका में भ्रष्टाचार सुनते ही सुप्रीम कोर्ट आगबबूला हो गया और तुरंत हरकत में आ गया। सरकार ने भी इसे बहुत बड़ी भूल/चूक माना और धर्मेंद्र प्रधान ने बिना शर्त माफी मांगी। लेकिन माफी के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने 26 फरवरी 2026 को सोशल साइंस की इस पुस्तक पर प्रतिबंध लगा दिया और हर रूप में इसके प्रसार पर रोक लगाते हुए स्कूल शिक्षा सचिव व एनसीईआरटी के प्रमुख को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा कि उनके खिलाफ अवमानना की प्रक्रिया क्यों न आरंभ की जाये? सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ‘माफी के अयोग्य गलती’ के लिए क्षमा मांगते हुए कहा कि जिन दो व्यक्तियों ने संबंधित पुस्तक का सम्पादन किया है, उन पर सरकार ने स्थायी रूप से रोक लगा दी है कि उन्हें किसी भी पाठ्यपुस्तक तैयार करने में शामिल नहीं किया जायेगा।

सम्बंधित ख़बरें

NCERT विवाद के बीच आया शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान कहा- सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी से सहमत हूं

संतोष देशमुख हत्याकांड के मास्टरमाइंड वाल्मिक कराड को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, जमानत याचिका हुई खारिज

‘इन्होंने गोली चलाई है, सजा मिलेगी’; NCERT विवाद पर भड़के CJI, सरकार की माफी ठुकराई और किताब पर लगाया फुल बैन

NCERT की माफी: ‘ज्यूडिशियल करप्शन’ वाले चैप्टर पर लगी रोक, CJI की फटकार के बाद आधी रात को बदला फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की माफी को स्वीकार करने से किया इनकार

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायाधीश जॉयमाल्या बागची व न्यायाधीश विपुल एम पंचोली की खंडपीठ ने सरकार की माफी को फिलहाल स्वीकार करने से इनकार कर दिया है और कहा है कि पहले वह यह जांच करेगी कि न्यायिक संस्था की प्रतिष्ठा व गरिमा को नुकसान पहुंचाने की कहीं जानबूझकर व सुनियोजित योजना तो नहीं थी? मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, ‘बिना सोचे समझे एक तीर चलाया गया है और न्यायपालिका जख्मी हुई है। योजना न्यायपालिका को बदनाम करने की थी, छात्रों, उनके पैरेंट्स व अध्यापकों और पूरे समाज को यह बताकर कि न्यायपालिका भ्रष्ट है। इस संस्था का मुखिया होने के नाते यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं न्यायपालिका की रक्षा इस किस्म के भयंकर व आधारहीन आक्षेपों से करूं।’

कोर्ट ने एनसीईआरटी को दिया ये निर्देश

खंडपीठ ने आदेश दिया, ‘एनसीईआरटी केंद्र व राज्य शिक्षा विभागों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करे कि पुस्तक की सभी प्रतियां (हार्ड या सॉफ्ट) जो वर्तमान में प्रसार में हैं, चाहे स्टोरेज में हों, फुटकर दुकानों में हों या शैक्षिक संस्थानों में हों, उन्हें जब्त किया जाये और पब्लिक एक्सेस से हटाया जाये। अनुपालन को फाइल किया जाये।’ ‘एनसीईआरटी निदेशक और हर स्कूल के प्रधानाचार्य, जहां यह कितावा पहुंची है की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि तुरंत प्रभाव से पुस्तक को जब्त किया जाये और उनके प्रांगण में पुस्तक की जो प्रतियां हैं, उन्हें सील किया जाये। सभी राज्यों के प्रमुख सचिवों को अनुपालन करना है।’

यह भी पढ़ें:- राज्यसभा चुनाव 2026: 72 सीटों पर घमासान, क्या कांग्रेस बचा पाएगी विपक्ष के नेता की कुर्सी?

एनसीईआरटी से कहा गया है कि वह दो सप्ताह के भीतर अपनी अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करे। अदालत ने पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है कि इस पुस्तक का आगे कभी भी प्रकाशन, पुनः मुद्रण या डिजिटला प्रसार न हो। इस आदेश से अगर चतुराई से बचने का कोई प्रयास किया जायेगा, इलेक्ट्रॉनिक तरीकों या शीर्षक बदलकर, तो उसे सीधा हस्तक्षेप, जानबूझकर उल्लंघन और निर्देशों का खुला विरोध माना जायेगा।

पीएम मोदी भी नाराज

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में अपनी नाराजगी प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘कक्षा 8 के बच्चों को हम यह क्या पढ़ा रहे हैं, न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के बारे में?’ ऐसा सूत्रों का कहना है। इसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जो लोग एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ शामिल करने के लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

लेख- नौशाबा परवीन के द्वारा

Supreme court bans ncert class 8 social science book judiciary corruption row

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Feb 28, 2026 | 10:50 AM

Topics:  

  • CJI Surya Kant
  • NCERT
  • Supreme Court

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.