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नवभारत विशेष: राम मंदिर चढ़ावे में भविष्य में पारदर्शिता रहे, भेंट सुरक्षित होने का दावा कितना सही?

Ram Mandir Trust Meeting: राम मंदिर ट्रस्ट की पहली औपचारिक बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए गए। पूर्व आईएफएस कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया।

  • Written By: अंकिता पटेल
Updated On: Jul 08, 2026 | 08:45 AM

(साेर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)

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Ram Mandir Trust Meeting Champat Rai: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की हुई पहली औपचारिक बैठक में ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए तथा पूर्व आईएफएस कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया है। कृष्ण मोहन ने कहा कि चढ़ावा चोरी के आरोपियों को हर हाल में सजा दिलवाएंगे और भविष्य में प्रबंधन की व्यवस्था को बेहद पुख्ता तथा ज्यादा पारदर्शी बनाया जाएगा।

इस दौरान कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने मीडिया को यह भी बताया कि ट्रस्ट को दान के जरिए 3264 करोड़ रुपये मिले थे, जिनमें से 2370 करोड़ रुपये मंदिर निर्माण और अन्य कार्यों में खर्च हो गए हैं। ट्रस्ट की स्थापना से लेकर 31 मार्च 2026 तक श्रद्धालुओं से मंदिर को 582 करोड़ रुपये की चढ़ावा राशि प्राप्त हुई है।

दान विवाद के बाद ट्रस्ट ने बढ़ाई पारदर्शिता

इसमें से 391 करोड़ रुपये ट्रस्ट के संचालन और अन्य मदों पर खर्च किए गए जबकि बाकी धनराशि बैंक खातों में सुरक्षित है। इसी सिलसिले में उन्होंने यह भी बताया कि नगद के अलावा अब तक दान के रूप में श्रद्धालुओं से मिली 2926 भेंट ट्रस्ट के पास सुरक्षित हैं, इनका एक रजिस्टर बनाया गया है जिससे कोई भी श्रद्धालु अपनी दी हुई भेंट की जानकारी जब भी लेना चाहे, वह ट्रस्ट के किसी भी अधिकारी से अयोध्या में आकर ले सकता है।

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उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इसी तरह पारदर्शिता बरती जाएगी ताकि आम जनता का आक्रोश व्यवस्था के विरुद्ध विद्रोह के रूप में न फूटे। जरूरी है कि आगे भी इस जांच-पड़ताल में सब कुछ दूध का दूध और पानी का पानी बिल्कुल साफ होना चाहिए, नहीं तो दान चोरी से अब तक जो छवि हनन हुई है, वह दोबारा से संवर नहीं पाएगी।

राम मंदिर दान विवाद पर शंकराचार्य का सरकार पर निशाना

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने भी कहा है, ‘इतने बड़े भगवान के दरबार में चोरी करके अगर इस्तीफा देनेभर से छुट्टी मिल गई, तो इस नाटक को लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे, जहां भी ये लोग मिलेंगे, उन्हें जनता दौड़ा-दौड़ाकर पीटेगी। इसलिए सरकार को चाहिए कि वो उन्हें तुरंत जेल में डाले और सजा दिलवाए।’

राम मंदिर में चंदे की चोरी से पूरा देश सन्न रह गया है, चाहे वह राम भक्त हो या न हो। क्योंकि देश के आम लोगों को यह कतई उम्मीद नहीं थी कि कभी ऐसा दिन भी आएगा, जब तथाकथित राम भक्त ही आम लोगों के दिए गए चंदे में हाथ साफ कर लेंगे। सबसे बड़ी बात तो यह है कि राम मंदिर ट्रस्ट में हर सदस्य तथाकथित मंदिर समर्थक, भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभिन्न संगठनों से निकले हुए लोग हैं।

राम मंदिर दान विवाद पर CBI जांच की मांग तेज

लेकिन जिस तरह से रह-रहकर उनके कुकृत्यों की खबरें आ रही थी और उन्हें दबाया जा रहा था, उस कारण लोगों की सब्र का बांध टूटने लगा था। अगर चोरी के खुलासे के बाद ट्रस्ट की हुई बैठक में भी कुकृत्यों पर पर्दा डालने की कोशिश की जाती, तो विद्रोह हो जाता।

आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है कि चढ़ावा चोरी के मामले में सीबीआई जांच की जाए। हालांकि इस सबको लेकर अभी तक किसी बड़ी पार्टी ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी नहीं दी। सिर्फ कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने उज्जैन से अयोध्या तक की यात्रा की घोषणा की है।

भेंट सुरक्षित होने का दावा कितना सही?

चोरी के मामले के खुलासे के बाद हुई ट्रस्ट की पहली बैठक में काफी हद तक पारदर्शिता बरती गई और दान चोरों के विरूद्ध कड़ा रुख अपनाया गया। लेकिन इसे लगातार बनाए रखना होगा, क्योंकि संत समाज ने भी अब यह कहना शुरू कर दिया है कि सिर्फ इस्तीफा दे देने और उसे स्वीकार कर लेने से कोई बात नहीं बनेगी।

यह भी पढ़ें:-Navabharat Nishanebaaz: मंदिर में हुई चढ़ावे की चोरी, हो-हल्ला करे वो हिंदू विरोधी

मुद्दा यह है कि क्या चढ़ावा चोरी कांड में चंपत राय का इस्तीफा मंजूर होना काफी है? ट्रस्ट की ओर से जांच पूरी होने से पहले चंपत राय को क्लीन चिट क्यों दी गई? कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरि की नाक के नीचे चढ़ावा चोरी हुई, वह जांच के दायरे में क्यों नहीं? चढ़ावा कांड पर उठे सवालों पर एंटी हिंदुत्व का लेबल क्यों लगाया गया ?

लेख-लोकमित्र गौतम के द्वारा

Ram mandir trust meeting champat rai resignation krishna mohan appointed

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Published On: Jul 08, 2026 | 08:45 AM

Topics:  

  • Navbharat Editorial
  • Ram Mandir
  • Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust
  • Swami Govind Dev Giri

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