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Last Governor General India: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, बीजेपी का भारत के अंतिम गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी के प्रति प्रेम उमड़ पड़ा है, जिन्हें देशवासी ‘राजाजी’ कहा करते थे। महात्मा गांधी व नेहरू भी उनका बहुत सम्मान करते थे। 15 अगस्त 1947 को मिली आजादी के बाद भी भारत उपनिवेश था। लॉर्ड माउंटबेटन के जाने के बाद उनकी जगह राजाजी गवर्नर जनरल बनाए गए। 26 जनवरी 1950 को भारत सार्वभौम गणतंत्र बना, जिसके प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे। राजाजी बाद में मद्रास प्रांत (अब तमिलनाडु) के मुख्यमंत्री बन गए। राजाजी ने 1959 में रियासतों के राजा-महाराजाओं को साथ लेकर स्वतंत्र पार्टी बनाई थी और कांग्रेस के विरोध में उतर आए थे। वह समाजवाद के विरोधी और पूंजीवादी व्यवस्था के समर्थक थे। राष्ट्रपति भवन परिसर में राजाजी की प्रतिमा का अनावरण राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया।’
हमने कहा, ‘तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। अचानक राजाजी के प्रति अपनत्व जताते हुए बीजेपी तमिल जनता को लुभाना चाहती है। इस पार्टी की रणनीति बड़ी सधी हुई रहती है और वह पूरी प्लानिंग के साथ कदम बढ़ाती है। प्रधानमंत्री ने तमिलों का मन जीतने के लिए काशी में तमिल संगमम का आयोजन करवाया, इसके बाद चोल वंश के राजाओं का राजदंड ‘संगोल’ लाकर संसद में स्थापित करवाया। यदि किस्मत ने साथ दिया तो बीजेपी तमिलनाडु में चुनाव जीतकर लुंगी डान्स करेगी।’
हमने कहा, ‘यह इतना आसान नहीं है। तमिलनाडु में डीएमके का वर्चस्व है। वहां हिंदी विरोध की राजनीति चलती है और इसी आधार पर बीजेपी व केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया जाता है। जयललिता के निधन के बाद एआईएडीएमके कमजोर हो चुकी है। बीजेपी वहां कैसे कदम जमाएगी?’
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पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज बीजेपी धीरे-धीरे अपना ग्राउंड बनाती है। उसका एआईएडीएमके से चुनाव समझौता रहा है। शीर्ष बीजेपी नेता संत तिरुवल्लूर व तमिल संस्कृति का गुणगान करेंगे, अपने चुनाबी भाषणों की शुरुआत कुछ तमिल वाक्यों से करेंगे। वहां चुनावी सभाओं में चूड़ीदार पायजामे की बजाय लुंगी या वेष्टि पहनकर भाषण देंगे, बीजेपी की चुनावी मशीनरी हमेशा तैयार रहती है। अपनी चाल से विपक्ष को बेहाल करते हुए उसने देश के अधिकांश राज्यों में अपनी सरकार बना ली है। अब तमिलनाडु और बंगाल फतह करने का उसका सपना है। उसका सिस्टमैटिक गेम है। इसीलिए राजाजी के प्रति प्रेम है।’
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा