निशानेबाज: राहुल ने फिशिंग पर दिया ध्यान, मछली व मतदाता एक समान

Rahul Gandhi: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी दिशाहीन होकर अपने उद्देश्य से भटक गए।बिहार में चुनाव प्रचार करने की बजाय वहां के मछुआरों के साथ मछली पकड़ने लगे।
राहुल ने फिशिंग पर दिया ध्यान
राहुल ने फिशिंग पर दिया ध्यान (सौ. डिजाइन फोटो)
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नवभारत डिजिटल डेस्क: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी दिशाहीन होकर अपने उद्देश्य से भटक गए।बिहार में चुनाव प्रचार करने की बजाय वहां के मछुआरों के साथ मछली पकड़ने लगे।ऐसे लोगों के लिए कहावत है आए थे हरि भजन को, ओटन लगे कपास!' हमने कहा, 'आप यह क्यों नहीं सोचते कि मछुआरों से तालमेल कर उन्होंने विपक्षी गठबंधन के लिए वोटों का जुगाड़ कर लिया।इसके अलावा मछली को सौभाग्य व समृद्धि से जोड़ा जाता है।बंगाल में हर सौभाग्यवती स्त्री को प्रतिदिन मछली खानी पड़ती है।मछली में ओमेगा 3 रहता है।इसका सेवन करने से बाल जल्दी सफेद नहीं होते।बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल की महिलाओं के बाल 50 वर्ष की उम्र में भी काले रहते हैं।राहुल गांधी ने कुछ सोच-समझकर ही मछलियां पकड़ीं।

बुद्धिनाथ मिश्र नामक कवि ने लिखा था- एक बार और जाल फेंक रे मछेरे, क्या जाने किस मछली में फंसने की आस हो! चारा डालकर मछली पकड़ी जाती है तो लुभावने वादे के जाल में वोटर भी तो फंस जाते हैं।पहले चुनावी वादा करो कि सत्ता में आए तो विदेश से काला धन लाकर हर देशवासी के बैंक खाते में 10 लाख रुपए जमा कर देंगे।जब सत्ता मिल गई तो कह दो काहे का वादा, वो तो चुनावी जुमला था!'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, मछली का महत्व हम भी समझते हैं।भगवान विष्णु ने मत्स्यावतार लिया था।जब मनु नदी में स्नान कर रहे थे तो उनकी अंजुली में एक मछली आ गई।उसने मनु से कहा कि मुझे किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दो।मनु ने उसे सरोवर में डाल दिया फिर उसका आकार बढ़ने पर समुद्र में डाल दिया।वह मछली भगवान का रूप थी।उसने बताया कि प्रलय आने वाला है।इसलिए हर प्रजाति के जीव, बीज इत्यादि लेकर एक बहुत बड़ी नाव में सवार हो जाओ।प्रलय के समय उस नाव को मत्स्यावतार ने खींचकर हिमालय तक पहुंचा दिया और फिर मनु से नई सृष्टि उत्पन्न हुई।ऐसी ही कहानी बाइबिल में 'नोआज आर्क' नाम से है.'

हमने कहा, 'यदि आप प्रथम मानव मनु का नाम लेंगे तो लोग मनुवादी कहकर आपकी आलोचना करने लगेंगे।महान कवि जयशंकर प्रसाद ने भी अपनी रचना 'कामायनी' में मनु के बारे में लिखा है।मनु और उनकी पत्नी शतरूपा अगले जन्म में राजा दशरथ और कौशल्या बने।उनके यहां भगवान राम ने जन्म लिया था.'

लेख-चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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