विपक्ष की वजह से कितना त्रास, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गला घोटे जाने का एहसास
संसद के मानसून सत्र से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पिछले सत्र का उल्लेख किया और कहा था कि 140 करोड़ देशवासियों ने बहुमत के साथ जिस सरकार को सेवा करने का हुक्म दिया, उसकी आवाज को कुचलने का अलोकतांत्रिक प्रयास हुआ। ढाई घंटे तक देश के प्रधानमंत्री का गला घोंटने का, उनकी आवाज को रोकने का, उनकी आवाज को दबाने का... लोकतांत्रिक परंपराओं में कोई स्थान नहीं हो सकता है।
- Written By: किर्तेश ढोबले
(डिजाइन फोटो)
पड़ोसी ने हमसे कहा, “निशानेबाज, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार 2 घंटे तक उनका गला घोंटता रहा। उनके इस बयान से स्पष्ट है कि विपक्ष न केवल कातिल नजरों से पीएम की ओर देखता आ रहा है बल्कि उसके हाथ भी उनके गले की ओर बढ़ने लगे हैं। संसद में लगाए गए आरोप पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होती इसलिए पीएम को चाहिए कि तुरंत जाकर पुलिस थाने में विपक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं। वे चाहें तो साथ में कानून मंत्री को भी ले जा सकते हैं।”
हमने कहा, “कुछ बातें वास्तविक नहीं आभासी होती हैं। पीएम को मानसिक तौर पर अनुभूति हुई कि उनका गला घोंटा जा रहा है। मोदी को गले का महत्व विदित है। वे हमेशा लपककर विदेशी नेताओं से गले मिलते हैं। जब वह पुतिन को गले लगाते हैं तो पश्चिमी देशों के नेता तिलमिला जाते हैं। एनडीए गठबंधन में प्रगाढ़ संबंध बनाने के लिए वो नीतीश और नायडू दोनों को कहते हैं- आ गले लग जा ! वैसे कुछ लोग गले लगते हैं और कुछ जबरदस्ती गले पड़ जाते हैं। आरएसएस को लगता है कि महाराष्ट्र में अजीत पवार जबरदस्ती बीजेपी के गले पड़ गए। इससे पार्टी की छवि बिगड़ रही है।”
पड़ोसी ने कहा, “निशानेबाज जब बात गले की चल पड़ी है तो आपको बता दें कि बड़े गुलाम अली खां जैसे शास्त्रीय संगीत के महान गायक ने कहा था कि लता मंगेशकर के गले में खुदा बसता है। गायक या गायिका इमली, दही जैसी खट्टी चीजें नहीं खाते। उन्हें फिक्र रहती है कि कहीं उनका गला न बैठ जाए। गले की वजह से ही ईएनटी स्पेशलिस्ट डाक्टरों का धंधा चलता है। गले पर से हमें याद आया कि लोग बंद गले का जोधपुरी कोट पहनते हैं। मोदी को भी पं. नेहरू जैसी शेरवानी पहननी चाहिए। शेरवानी से गला ढका होने से सुरक्षित रहता है। किसी का गला सुरीला रहता है तो किसी का कर्कश ! सुंदरियों की गर्दन लंबी और सुराहीदार हुआ करती है। जब व्यक्ति अत्यंत भावुक हो जाता है तो उसका गला या कंठ अवरुद्ध हो जाता है और मुंह से आवाज नहीं निकलती।”
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हमने कहा, “गला है इसीलिए नेकलेस बनता है। हीरे का हार गले की शोभा बढ़ा देता है। बड़े नेताओं के गले में हाथी की सूंड के समान मोटे पुष्पहार पहनाए जाते हैं जिन्हें बंगलुरू से हवाई जहाज से मंगाया जाता है। याद रखिए कि यह गला ही है जिससे मोदी के मन की बात निकलती है।” लेख चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा
