Navabharat Nishanebaaz: विपक्ष ने शुरू कर दी तकरार, सरकारी चाय का बहिष्कार
Opposition Boycotts Politics: मानसून सत्र से पहले विपक्ष ने एक बार फिर सरकार की पारंपरिक चाय-पान बैठक का बहिष्कार किया। इससे सरकार-विपक्ष के बीच बढ़ती राजनीतिक दूरी पर चर्चा तेज हो गई है।
- Written By: अंकिता पटेल
(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Parliament Monsoon Session Boycott: पड़ोसी ने हमसे कहा,’निशानेबाज, हमेशा की तरह इस बार भी मानसून सत्र की पूर्व संध्या पर विपक्ष ने सरकार की चाय-पान पार्टी का बहिष्कार कर दिया। जरा सोचिए कि ऐसा कब तक चलेगा! सरकार मान-पान के साथ विपक्ष का आतिथ्य सत्कार करना चाहती है, लेकिन वह इनकार कर देता है, झांककर भी नहीं देखता। विपक्ष के इंतजार में चाय ठंडी हो जाती है या फिर मंत्रियों व सत्तापक्ष के सदस्यों के साथ वहां मौजूद अधिकारी उसे पी जाते हैं। यह हाई-टी या ग्रंच रहती है। नाश्ते के साथ चाय, फिर भी यह विपक्ष को कबूल नहीं है।’
हमने कहा, ‘विपक्ष हमेशा सरकार की नीतियों और कदमों के प्रति अपना विरोध दशनि के लिए सरकारी चाय का बॉयकाट कर देता है। उसे इससे मतलब नहीं कि चाय कौन सी थी! सीधे असम के टी बागान से भाजपा ने भिजवाई थी या उस पर बुक बॉन्ड, लिप्टन, सोसाइटी, पताका, अग्नि या टाटा टी का लेबल लगा था। वह नींबू का रस निचोड़ी हुई ब्लैक टी थी या टी-बैग और शुगर क्यूब के साथ पॉट में पेश की गई चाय! वह विपक्ष के लिए निरर्थक थी। उसके नेता फुटपाथ पर जाकर चाय पी लेंगे, लेकिन सरकारी चाय की चुस्की लेना उन्हें बिल्कुल मंजूर नहीं है।’
पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, अंग्रेजी में कहावत है- स्टॉर्म इन ए टी कप अर्थात चाय की प्याली में तूफान ! विपक्ष चाहता तो चाय पार्टी में आकर वहीं तूफान ला देता। उद्धव के समर्थक शिंदे के समर्थकों पर बरस पड़ते। कांग्रेस आरोपों की बौछार से बीजेपी नेताओं को तरबतर करती।’
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हमने कहा, ‘यह सारा खेल सत्र के दौरान चलेगा। पिक्चर अभी बाकी है। विपक्ष जानता है कि चाय के पीछे कोई न कोई चाल हो सकती है। आपने राजेश खन्ना और टीना मुनीम पर फिल्माया गया गीत सुना होगा- शायद मेरी शादी का खयाल दिल में आया है, इसीलिए मम्मी ने तेरी मुझे चाय पे बुलाया है! कभी होंठों तक आते-आते चाय का कप हाथ से फिसल जाता है। इसलिए कहा गया है- देयर आर मैनी ए स्लिप्स बिटवीन कप एंड लिप्स!’
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पड़ोसी ने कहा, ‘जब चाय पीने की वास्तविक चाह मन में उठती है, तो अमेरिका का बिल गेट्स जैसा धनकुबेर फुटपाथ पर आकर डॉली चाय वाले के ठेले पर चाय पी जाता है। अब आप भी पानी उबालिए, चाय की पत्ती डालिए और कप में छानकर हमें दीजिए, हम आपकी चाय का बहिष्कार नहीं करेंगे, बल्कि चुस्कियां लेकर उसे स्वीकार करेंगे।’
