

Vote Theft Political Debate: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, जब वोट चोरी और चंदा चोरी के गंभीर आरोप लगे तो संबंधित लोगों को शर्म के मारे चुल्लू भर पानी में डूबकर मर जाना चाहिए।'
हमने कहा, 'आप इतने आवेश में क्यों आ गए? हर परिस्थिति को सहजता से लेना चाहिए। चोरी और बेईमानी कहां नहीं है। जिनके पास पावर है, वह सब कुछ कर सकते हैं। रामचरित मानस में संत तुलसीदास ने लिखा है- समरथ को नहीं दोष गुसाईं! आपने चुल्लू शब्द का इस्तेमाल किया। इसका अर्थ नई पीढ़ी कैसे समझेगी?'
पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, चुल्लू का अर्थ होता है अंजलि। जिन लोगों के पास ग्लास, प्याला या लोटा कुछ भी नहीं होता, वह चुल्लू से पानी पिया करते हैं। चुल्लू दोनों हथेलियों को जोड़कर बनाया जाता है। आपने गर्मी के दिनों में मजदूरों को प्याऊ पर इसी तरह ठंडा पानी पीते देखा होगा। एक जमाने में घाट-घाट का पानी पीने वाला मुसाफिर किसी पनघट पर पहुंच जाता था।
वहां कोई पनिहारिन उस पर तरस खाकर चुल्लू भर पानी पिला देती थी। यदि फिर भी उसकी प्यास नहीं बुझी तो उसकी नजरों में खोट देखकर पनिहारिन उसे वहीं चार सहेलियों के सामने जोर से झिड़कते हुए कहती थी- तुझे शर्म नहीं आती, जाकर चुल्लू भर पानी में डूब जा। ऐसी फटकार सुनकर वह मुसाफिर वहां से दुम दबाकर खिसक जाता था।'
हमने कहा, 'यह मामला किसी मुसाफिर का नहीं बल्कि चुनाव आयोग का है जो विपक्ष के सीधे निशाने पर है। एसआईआर माने 'सर' ने कितने ही लोगों के नाम सरका दिए। इस वजह से मतदाताओं में खलबली और बेचैनी है। जब कुछ लोगों की तानाशाही पर आंच आएगी तो वह स्वीकार करेंगे- मेरे सीने से बंधी ख्वाहिश मुझे ले डूबी, वरना मैं इतनी जल्दी डूबने वाला न था।'
पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, विपक्ष का रोष चाय की प्याली में तूफान के समान है। वैसे चुल्लू भर पानी में डूबने के लिए किसी तूफान की जरूरत नहीं पड़ती।'
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा