

ट्रंप ने मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन जीतने पर 5,000 डॉलर देने का दावा किया।
रकम अमेरिका में ही खर्च करने की शर्त बताई गई।
लेख में इस घोषणा की तुलना भारत की चुनावी मुफ्त योजनाओं से की गई।
5,000 डॉलर यानी करीब 4.85 लाख रुपये के वादे पर राजनीतिक व्यंग्य किया गया।
Trump 5000 Dollar Election Promise: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, आगामी 3 नवंबर को अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के दोनों सदनों सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की एक तिहाई सीटों का चुनाव या मिड टर्म इलेक्शन होने जा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि यदि इस चुनाव में दोनों सदनों में उनकी रिपब्लिकन पार्टी जीतती है तो वह देश के हर बालिग व्यक्ति को 5,000 डॉलर देंगे, लेकिन शर्त रहेगी कि उन्हें यह रकम अमेरिका में ही खर्च करनी होगी।'
हमने कहा, 'अब तो मानना ही होगा कि भारत विश्वगुरु है। ट्रंप ने भारत के राजनीतिक दलों से चुनाव के समय जनकल्याण के नाम पर रिश्वत, खैरात या फ्रीबीज बांटने का हथकंडा सीख लिया है। पैसा फेंको, चुनाव जीतो का फार्मूला वह अपना रहे हैं। 1 डॉलर लगभग 97 रुपये का हो गया है इसलिए अंदाज लगाइए कि ट्रंप कितनी बड़ी रकम का लालच दे रहे हैं।'
पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, ट्रंप की ट्रेनिंग अभी अधूरी है। उन्हें मध्य प्रदेश की 'लाडली लक्ष्मी' और 'लाडली बहना' तथा महाराष्ट्र की 'लाडकी बहीण' योजना को अपने यहां अपनाना था। वह इसे 'माय डीयर सिस्टर स्कीम' के नाम से चला सकते हैं। बहना न कहकर इसे मेलिना योजना कह सकते हैं। वह नीतीशकुमार से भी सीख सकते हैं जिन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव के ठीक पहले स्वरोजगार के नाम पर राज्य की हर महिला के खाते में 10,000 रुपये की रकम जमा करवाई थी। तमिलनाडु में जयललिता ने अम्मा योजना चलाई थी। फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन बंटवाए थे। डीएमके ने भी ऐसी ही गिफ्ट बांटी थी। अब खैराती योजनाएं लोकतंत्र का आधार बना दी गई हैं। पार्टियों के बीच वोट खरीदने की प्रतिस्पर्धा चलती है।'
हमने कहा, 'आपको याद होगा कि 2014 के लोकसभा चुनाव के समय अवतारी पुरुष ने घोषणा की थी कि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो विदेश में जमा काला धन वापस लाकर हर भारतवासी के बैंक खाते में 15-15 लाख रुपये जमा कर देंगे। लोगों ने भरोसा करके भाजपा को जिता दिया। बाद में यह वादा याद दिलाने पर अमित शाह ने कहा कि यह तो 'चुनावी जुमला' था। अब बताइए कि क्या ट्रंप भी आगे चलकर इसी तरह 5,000 डॉलर के वादे से मुकर जाएंगे?'
पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि विभिन्न देशों पर टैरिफ लगाने से हमारे पास बहुत बड़ी मात्रा में पैसा आया है। हम इसे 'ट्रंप डिविडेंड' के नाम से लोगों को देंगे।'
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा