Navbharat Nishanebaaz: ना कोई गिनती और ना पहाड़ा, बस तीन तिगाड़ा, काम बिगाड़ा

Teen Bulaye Terah Aaye: निशानेबाज में एक-दो-तीन से तेरह तक की गिनती का दिलचस्प किस्सा। राज कपूर की ‘आवारा’ से माधुरी दीक्षित की ‘तेजाब’ तक पहुंची बात और फिर याद आई मशहूर कहावत।
Teen Bulaye Terah Aaye Meaning
निशानेबाजफोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन
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Teen Bulaye Terah Aaye Meaning: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, हमें राज कपूर की पुरानी फिल्म 'आवारा' का गाना याद आ रहा है जिसके बोल थे एक दो तीन, आजा मौसम है रंगीन !'

हमने कहा, 'आपको इससे आगे की गिनती सीखनी है तो फिल्म 'तेजाब' में माधुरी दीक्षित के डान्स वाला गीत सुनिए जिसमें गिनती 13 के आंकड़े तक जाती है। वह पंक्ति है तेरा करूं गिन-गिन के इंतजार, आजा पिया आई बहार!'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, आंकड़ा चाहे 3 का हो 13 का, इसे लेकर कहावत है- तीन बुलाए तेरह आए, डालो दाल में पानी! ज्यादा लोगों को जिमाना या खिलाना हो तो ऐन मौके पर दाल की मात्रा इसी तरह बढ़ाई जाती है।'

हमने कहा, 'इस समय 3 सदस्यों का चुनाव आयोग चर्चा में है। इसके 2 सदस्यों सुखबीर सिंह व विवेक जोशी के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेशकुमार से मतभेदों की खबर छपी थी। अपने दोनों सहयोगियों के परामर्श को ज्ञानेशकुमार ने नहीं माना। क्या इसे तीन तिगाड़ा काम बिगाड़ा कहा जाए? चाहें तो 3 तिकट महाविकट भी कह सकते हैं।'

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पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, यदि 3 के फिगर या आंकड़े पर गौर करें तो सृष्टि में उसका बहुत महत्व है। ब्रम्हा, विष्णु, महेश त्रिदेव कहलाते हैं। 3 लोक हैं- मृत्युलोक, स्वर्ग और नर्क। शिव जब तीसरी आंख खोलते हैं तो प्रलय हो जाता है। उन्होंने 'तीसरा' नेत्र खोला तो उसकी अग्नि से कामदेव जलकर भस्म हो गया था। एक समय फिल्म जगत में दिलीपकुमार, राजकपूर और देव आनंद की तिकड़ी राज करती थी। ताश में श्री कार्ड या 3 पत्ते का गेम होता है। इसमें वह जीतता है जिसके पास 3 इक्के आते हैं। किसी को खाना खिलाते समय 3 रोटियां एकसाथ नहीं परोसी जातीं। देखना है कि क्या एनडीए के खिलाफ कांग्रेस, ममता और केजरीवाल का त्रिगुट बन पाएगा?'

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हमने कहा, 'इधर-उधर की बातें छोड़िए। लोकतंत्र के 3 स्तंभ हैं- कार्यपालिका, न्यायपालिका और संसद। मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति 3 सदस्यों की समिति करती है जिसमें प्रधानमंत्री, उनकी कैबिनेट का एक मंत्री और विपक्ष का नेता शामिल होता है। इसमें सरकार मेजारिटी से अपनी पसंद का सीईसी बना देती है और विपक्ष का नेता मुंह ताकता रह जाता है। ज्ञानेशकुमार की इसी तरह नियुक्ति की गई जिन्हें ममता बनर्जी ने 'वैनिशकुमार' कहा है क्योंकि बंगाल के चुनाव में उनकी पार्टी टीएमसी वैनिश या गायब हो गई।'

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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