Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

निशानेबाज: बगैर पीए कोई कैसे रहे, आखिर मंत्री दुख कितना सहे

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपनी मर्जी का पीए रखने से मंत्रियों को मना कर दिया है।उनका कहना है कि पीए निष्कलंक चरित्र का, सुशील, आदर्श, सिद्धांतवादी और स्वच्छ छवि वाला होना चाहिए।

  • Written By: दीपिका पाल
Updated On: Jun 20, 2025 | 04:02 PM

महाराष्ट्र के मंत्री (सौ. डिजाइन फोटो)

Follow Us
Close
Follow Us:

नवभारत डिजिटल डेस्क: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, वी शांताराम की एक पुरानी फिल्म का लंबा नाम था जल बिन मछली, नृत्य बिन बिजली।उनकी एक अन्य फिल्म थी तीन बत्ती चार रास्ता!’ हमने कहा, ‘महाराष्ट्र के मंत्रियों का मन अशांत है और आप शांताराम की याद कर रहे हैं।यहां मंत्रियों को ने बिन पीए रहना पड़ रहा है।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपनी मर्जी का पीए रखने से मंत्रियों को मना कर दिया है।उनका कहना है कि पीए निष्कलंक चरित्र का, सुशील, आदर्श, सिद्धांतवादी और स्वच्छ छवि वाला होना चाहिए।आखिर इतना गुणवान पीए मिले भी तो कैसे ? 5 महीने बीत गए, लेकिन मंत्रियों को पीए नहीं मिल पाएं.’

पड़ोसी ने कहा, ‘पीए या पिया किस्मत से मिलता है।जब फिल्म में हीरोइन को मनमाफिक पति मिल जाता है, तो वह खुशी से झूमकर गाने लगती है- मेरा पिया घर आया ओ रामजी !’ हमने कहा, ‘पिया मिलना आसान है, लेकिन पीए मिलना कठिन ! तिकड़मी या चालू किस्म का पीए मंत्री का दलाल बनकर उसे मालामाल कर देता है।हर मंत्री चाहता है कि उसे जुगाडू पीए मिले, जो पूरे टर्म में एटीएम का काम करे और ‘विटामिन एम’ का इंतजाम करता रहे।पीए या निजी सचिव मंत्री के साथ छाया की तरह लगा रहता है और उसके लिए माया जुटाता है।ठेकेदारों को टैकल करता है और डील करके पूरी सेटिंग जमा देता है.’

पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, प्रैक्टिकल किस्म का पीए अपने मंत्री की नस नस जानता है।वह मिनिस्टर का मुंहलगा होता है और आंखों के इशारे समझता है।उसे मालूम रहता है कि साहेब के ऐब कौन-कौन से हैं।कुशल पीए वह होता है, जिसने घाट घाट का पानी पिया हो।मंत्री के आधे से ज्यादा काम तो पीए ही निपटा देता है.किसकी फाइल लटकानी है और किस पर मंत्री का साइन लेना है, यह पीए ही तय करता है।

सम्बंधित ख़बरें

जलगाव की राजनीति में आएगा भूचाल, ‘शिवसेना के 4 विधायक BJP के संपर्क में’, संजय राउत का बड़ा दावा

मुंबई में LIC बिल्डिंग के रीडेवलपमेंट का रास्ता साफ, सैकड़ों परिवारों को मिलेगी राहत

बारामती-राहुरी में कांग्रेस लड़ेगी चुनाव, उद्धव की विप सीट के लिए राउत का संयमित रुख

कोलंबी क्षेत्र में अवैध डीज़ल भंडारण पर छापा, 71 हजार का माल जब्त, ऑपरेशन प्रहार के तहत कार्रवाई

मंत्री के विभाग को सरकारी खजाने से निधि नहीं मिले तो भी चलेगा, लेकिन उसे घाघ किस्म का मनपसंद पीए जरूर चाहिए, जो रेत को भी हाथ लगाकर सोने के कण बना दे।टोल नाके का कमीशन तय करवा दे।सरकारी योजनाओं की लीकेज का फायदा उठाने का अमोघ मंत्र जानने वाला पीए ही मंत्री को विशेष प्रिय होता है।

लेख-चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

Maharashtra ministers have to live without a pa

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jun 20, 2025 | 04:02 PM

Topics:  

  • Devendra Fadnavis
  • Maharashtra
  • Maharashtra News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.