नवभारत विशेष: अमेरिका ने क्यों लगाया बिश्नोई पर आरोप ? ड्रग्स-फिरौती नेटवर्क का खुलासा

Lawrence Bishnoi Network: अमेरिका में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। जांच में ड्रग्स, फिरौती, रंगदारी और सुपारी किलिंग से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
Navbharat Special: Why did the US level allegations against Bishnoi? Drug and extortion network exposed.
लॉरेंस बिश्नोई (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
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Lawrence Bishnoi Crime Syndicate: बिश्नोई इस समय अहमदाबाद की उच्च सुरक्षा जेल में बंद है। बरार अमेरिका में वांछित भगोड़ा है, जबकि निज्जर को भारत सरकार ने आतंकवादी घोषित किया हुआ था। इस जांच के दौरान जहां अनेक गिरफ्तारियां हुई हैं, वहीं बड़ी मात्रा में ड्रग्स भी बरामद हुईं, फिरौती, जबरन वसूली, भाड़े पर हत्याएं और ड्रग तस्करी के मामले भी दर्ज हुए हैं।

अमेरिकी विभाग का कहना है अभी तक 37 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल हुए हैं। अमेरिका में दायर केस के केंद्र में लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध गुट (ओसीजी) है, जो जेल में रहते हुए भी गिरोह को चला रहा है। बरार उत्तरी अमेरिका में गिरोह का प्रबंधन करता था, जबकि रोहित गोदारा यूरोप में गतिविधियों को देखता था।

बिश्नोई के साथ दो और अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट निशाने पर

दूसरा सिंडिकेट का सरगना 38 वर्षीय जगतार सिंह उर्फ जग्गू भगवानपुरिया है, जो असम की सिलचर जेल में बंद है। अमेरिका के अनुसार यह अलग अंतरराष्ट्रीय अपराध गिरोह है, जो मुख्यतः भारत, कनाडा, अमेरिका व अन्य देशों में सक्रिय है।

इस नेटवर्क के दुनियाभर में 1,000 से अधिक सदस्य व सहयोगी हैं। भगवानपुरिया बिश्नोई का पूर्व साथी है। तीसरे मुख्य सिंडिकेट का संबंध 57 वर्षीय रविंद्र सिंह ढांडा से है, जो कनाडा स्थित है और विशाल क्रॉस-बॉर्डर नारकोटिक्स ऑपरेशन चलाता है। बिश्नोई गैंग के खिलाफ आरोपपत्र फरवरी 2026 में अमेरिका के कैलिफोर्निया अदालत में दाखिल किया गया था।

बिश्नोई नेटवर्क पर अमेरिका के गंभीर आरोप

अमेरिका के न्याय विभाग का कहना है कि बिश्नोई ने सोशल मीडिया पोस्ट्स अपने आपको 'देशभक्त', 'राष्ट्रवादी' व 'अत्यधिक धार्मिक व्यक्ति' के रूप में प्रस्तुत किया और फिर इस सार्वजनिक छवि का प्रयोग अपनी अपराध सिंडिकेट के लिए भारत, अमेरिका व अन्य जगहों पर सदस्य व सहयोगी रिक्रूट करने के लिए किया।

अमेरिका के न्याय विभाग ने बिश्नोई नेटवर्क पर टारगेट हत्याओं, शूटिंग, अपहरण, हमले करना और धमकियां देने के आरोप लगाए हैं, जिससे व्यापारियों, सेलिब्रिटीज व भारतीय अप्रवासियों में भय का वातावरण व्याप्त हुआ। बिश्नोई नेटवर्क पर यह भी आरोप है कि उसने पंजाबी गायक सिद्धू मूसावाला की हत्या की, गायक गिप्पी ग्रेवाल को धमकी दी और 2023 व 2026 के बीच एक्टर सलमान खान पर हमले की योजनाएं बनाई।

जेल में बंद, फिर भी गैंग चला रहा बिश्नोई?

यह सब हरकतें उस समय हुई हैं, जब बिश्नोई अहमदाबाद के उच्च्च-सुरक्षा जेल में बंद है, जिससे मालूम होता है कि वह जेल में रहते हुए भी अपने गैंग को चला रहा है। बिश्नोई गैंग अपने वफादार सदस्यों को अमेरिका व कनाडा सहित अन्य देशों में छात्र व वर्क वीजा पर भेजता है, जो गलत सूचनाएं देकर हासिल किए जाते हैं, ताकि उन देशों में सिंडिकेट के आपराधिक ऑपरेशनों में मदद की जा सके। वकील रजनी खत्री का कहना है कि बिश्नोई साबरमती जेल में 2023 से एकांत कारावास में है और उस पर 24/7 सीसीटीवी निगरानी रहती है।

गृह मंत्रालय ने उस पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 303 लगाई हुई है, जिसका अर्थ है कि वह जेल से बाहर नहीं जा सकता। वह अदालती सुनवाई में भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हिस्सा लेता है और अगर राज्य से बाहर की पुलिस को उससे पूछताछ करनी होती है, तो उसे जेल में ही आना होता है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2022 में बिश्नोई व अन्यों के खिलाफ जो आरोपपत्र दाखिल किया था, उसके अनुसार, दिल्ली, चंडीगढ़, राजस्थान व पंजाब में उसके खिलाफ 84 केस दर्ज हैं। अगर बिश्नोई जेल से ही अपना गैंग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चला रहा है, जैसा कि एनआईए व अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है, तो यह बहुत गंभीर मामला है, जिससे मालूम होता है कि जेल अधिकारी उससे मिले हुए हैं या कुछ कारणों से सरकार ने उसे छूट दी हुई है।

निज्जर की हत्या का मामला

अमेरिका के न्याय विभाग ने पंजाब से जुड़े 3 अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध सिंडिकेटों के खिलाफ आरोप पत्र की घोषणा की, जो भारत, कनाडा, अमेरिका व यूरोप में सक्रिय हैं। सबसे गंभीर आरोप यह है कि पंजाब में जन्मा 33 वर्षीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बरार ने खालिस्तान समर्थक एक्टिविस्ट हरदीप सिंह निज्जर की हत्या कराई थी।

-लेख-विजय कपूर के द्वारा

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