निशानेबाज: अपने राजवंशों पर रखें विश्वास, बिल्कुल न पढ़ें मुगलों का इतिहास
आपके मन में राष्ट्रीय स्वाभिमान होता तो आप यह सवाल नहीं करते। इतिहास पढ़ने का इतना ही शौक है तो 16 महाजनपदों के बारे में पढ़िए जिनमें काशी, कौशल, मगध, कोशांबी, वैशाली का समावेश था।
- Written By: आकाश मसने
मुगल इतिहास (डिजाइन फोटो)
नवभारत डिजिटल डेस्क: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, पाठ्यक्रम से मुगलों का इतिहास हटा दिया गया है। अब विद्यार्थी बादशाहों व सुलतानों के बारे में कैसे जान पाएंगे? उन्हें खिलजी, लोदी, गुलाम वंशों की जानकारी कैसे मिलेगी? वे जहांगीर और नूरजहां के बीच फर्क कैसे कर पाएंगे ?’
हमने कहा, ‘आपके मन में राष्ट्रीय स्वाभिमान होता तो आप यह सवाल नहीं करते। इतिहास पढ़ने का इतना ही शौक है तो 16 महाजनपदों के बारे में पढ़िए जिनमें काशी, कौशल, मगध, कोशांबी, वैशाली का समावेश था। राष्ट्रकूट, चोल, पाल, गुप्त और मौर्य वंश की हिस्ट्री पढ़िए। रामायण और महाभारत पढ़ने का संकल्प लीजिए। विदेशी आक्रमणकारियों और लुटरों की कलंकित कथाएं पढ़कर क्या करेंगे? राजपूतों और मराठों की शौर्यगाथाएं पढ़िए,’
पड़ोसी ने कहा, निशानेबाज, इतिहास जैसा है उसे वैसा ही स्वीकार करना चाहिए, हमने पढ़ा था कि नूरजहां ने गुलाब के इत्र का आविष्कार किया था। इसका मतलब यह हुआ कि उसने रोज परफ्यूम का स्टार्टअप उद्योग शुरू किया था। नूरजहां ने अपने पति जहांगीर का डाइट कंट्रोल किया था। वह खुद शासन चलाती थी और पति को शराब का एक प्याला और दो निवाला दिया करती थी।
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हमने यह भी पढ़ा था कि बाबर एक अच्छा मोटिवेटर और इन्फ्युएंसर था। जब उसकी फौज हारने लगी तो उसने भाषण देकर अपने सिपाहियों की शराब की सुराहियां और प्याले तुड़वा दिए। इस तरह बाबर ने मद्यनिषेध या शराबबंदी अभियान चलाया था। रजिया सुल्तान ने अफ्रीका के हब्शी गुलाम याकूत से शादी की थी।
मोहम्मद तुगलक सनकी सुलतान था जिसने राजधानी को दिल्ली से दौलताबाद (औरंगाबाद) ले जाने का फैसला लिया। सारी जनता दिल्ली खाली कर दक्षिण की ओर चल पड़ी। हजारों लोग रास्ते में भूख-प्यास से मर गए, हुमायूं को एक भिश्ती ने डूबने से बचाया तो हुमायूं ने उसे एक दिन का बादशाह बनाया।
भिश्ती ने अपनी मशक काटकर चमड़े के सिक्के चला दिए। अकबर अय्याश था। वह मीना बाजार या एग्जीबिशन भरवाता था जिसमें सिर्फ महिलाएं सामान बेचती थीं और अकबर खरीदारी करने निकलता था। उसकी बुरी नजर देखकर हाडा राजपूत रानी ने उसे धक्का देकर पटक दिया और अपनी कटार उसकी छाती पर तान दी। अकबर ने माफी मांगी तो उसकी जान बची। तबसे उसने मीना बाजार भरवाना बंद कर दिया।
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औरंगजेब ने अपने 3 भाइयों- दारा शिकोह, शुजा और मुराद का कत्ल किया और अपने पिता शाहजहां की आगरा के किले में कैद कर दिया। शाहजहां ने औरंगजेब को पत्र लिखा कि हिंदुओं को देख जो अपने दिवंगत पूर्वजों को पानी देते हैं और तू मुझे पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसा रहा है। हमने कहा, ‘आपने तो खुद अत्याचारी मुगलों का इतिहास सुना दिया इसे कोर्स में रखने की क्या जरूरत ?’
