निशानेबाज: कुछ दिन बाकी, समय है अल्प, करो नव वर्ष के लिए संकल्प
नया वर्ष आने में अब बस 5 दिन का वक्त बाकी है। इस मौके पर लोग नए संकल्प लेते हैं। जिसे न्यू ईयर रिजॉल्यूशन बोलते हैं। इसी को लेकर पड़ोसी और निशानेबाज के बीच चर्चा हुई है।
- Written By: मृणाल पाठक
(डिजाइन फोटो)
नवभारत डेस्क: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘‘निशानेबाज, हम सोच रहे हैं कि शीघ्र ही प्रारंभ होने वाले नव वर्ष के लिए कोई संकल्प करें जिसे अंग्रेजी में न्यू ईयर रेजोल्यूशन कहा जाता है।’’
हमने कहा, ‘‘अभी से उसकी क्या जरूरत है! 31 दिसंबर को संकल्प लीजिए और उसे नव वर्ष दिवस 1 जनवरी से फालो कीजिए। फिलहाल तो 2024 की प्रमुख घटनाओं का सिंहावलोकन कीजिए कि इस पूरे वर्ष में क्या खोया और क्या पाया!’’
पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, अवलोकन तो ठीक है लेकिन यह सिंहावलोकन क्या होता है? इस शब्द की व्याख्या करिए।’’
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हमने कहा, ‘‘यूं तो आप कुत्ते के भौंकने से भी डरते हैं लेकिन फिर भी अपने को थोड़ी देर के लिए सिंह समझ लीजिए। सिंह जिस तरह पीछे गर्दन घुमा कर देखता है, उसी तरह आप वर्ष भर के घटनाक्रम पर नजर डालिए।’’
पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, जो बीत गया, वह वापस नहीं आता। रात गई, बात गई। अतीत व्यतीत हो गया। अब आगे की सोच लेकर चलना है। हमें सुझाव दीजिए कि नए साल के लिए कौन सा संकल्प करें जिसे हम निभा सकें।’’
हमने कहा, ‘‘इसके लिए किसी पंडित को बुलाइए। वह आपकी हथेली पर अक्षत, फूल रखवा कर कुल-गोत्र का नाम लेकर विधिवत संकल्प करवाएगा। फिर उसे यथाशक्ति दक्षिणा देकर विदा कर दीजिए।’’
पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, हमें कोई धार्मिक संकल्प नहीं करना है। लोग नव वर्ष से जंक फूड, गुटखा, पान-तंबाकू और नशा-पानी छोड़ने का शुभ संकल्प करते हैं। कोई शाकाहारी बनने की ठान लेता है। जहां तक हमारी बात है, हमने कई बार मॉर्निंग वाक का संकल्प किया लेकिन निभा नहीं पाए। सुबह देर से उठकर मोबाइल पर मैसेज चेक करने, चाय पीने और अखबार पढ़ने में लग जाते हैं और घर से बाहर निकल नहीं पाते। व्यायाम करने के लिए भी समय नहीं निकाल पाते।’’
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हमने कहा, ‘‘यह आपका आलसीपन है जिससे छुटकारा पाइए। इरादा पक्का हो तभी संकल्प टिकता है। खुद को मोटिवेट कीजिए। जिंदगी में सार्थक बदलाव लाइए। जरूरतमंदों की मदद कीजिए। इच्छाशक्ति व क्षमता को मजबूत कीजिए। याद रखिए- अपने लिए जिए तो क्या जिए, तू जी ऐ दिल जमाने के लिए! किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार, किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार, किसी के वास्ते हो तेरे दिल में प्यार, जीना इसी का नाम है! नव वर्ष में संकल्प की नींव पर कर्म की इमारत खड़ी कीजिए। खुद से कुछ नया करने का वादा कीजिए और उसे जी-जान से निभाइए!’’
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा
