संपादकीय: ईडी के जाल में बुरे फंसे अनिल अंबानी
ED on Anil Ambani: मुकेश अंबानी तो अपने व्यवसाय में शिखर पर जा पहुंचे, लेकिन उनके छोटे भाई अनिल अंबानी भारी मुसीबत के दौर से गुजर रहे हैं।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल का घर-दफ्तर सब सील कर दिया।
- Written By: दीपिका पाल
ईडी के जाल में बुरे फंसे अनिल अंबानी (सौ. डिजाइन फोटो)
नवभारत डिजिटल डेस्क: जब व्यवसाय में पारदर्शिता न हो तो ऐसी ही नौबत आती इसे किस्मत का खेल नहीं कह सकते कि मुकेश अंबानी तो अपने व्यवसाय में शिखर पर जा पहुंचे, लेकिन उनके छोटे भाई अनिल अंबानी भारी मुसीबत के दौर से गुजर रहे हैं।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल का घर-दफ्तर सब सील कर दिया।अवैध धन शोधन (मनी लानडूंग) जांच के तहत उनकी 7,500 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क कर ली गई।अधिकांश तौर पर ईडी की जांच आरएचएफएल (रिलायंस होम फाइनेंस लि.) पर केंद्रित है जिसमें 13 शेल (मुखौटा) कंपनियों के जरिए हेराफेरी कर 1,465.33 करोड़ रुपये रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर को हस्तांतरित किए गए।
ईडी के अनुसार उसकी जांच में पता चला है कि रिलायंस ग्रुप की विभिन्न कंपनियों ने सार्वजनिक धन का धोखाधड़ीपूर्ण हस्तांतरण किया है।इन कंपनियों में रिलायंस कम्युनिकेशन्स (आरकाम) रिलायंस होम फाइनेंस (आरएचएफएल), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस (आरसीएफएल) का समावेश है।जांच एजेंसी ने पाया कि आरएचएफएल का काम गृहनिर्माण के लिए वित्त प्रदान करना था लेकिन उसने 2017-18 व 2018-19 में यह रकम जीपीसीएल के तहत सामान्य उद्देश्य के कॉरपोरेट लोन में हस्तांतरित कर दी।2010 से 2012 के बीच रिलायंस कम्युनिकेशन्स (आरकाम) व संलग्न कंपनियों ने भारतीय बैंकों से हजारों करोड़ रुपये उठाए, जिसमें से 19,694 करोड़ रुपये बकाया हैं।5 बैंकों का नाम इसमें सामने आया है।
आरकाम को दिए गए कर्ज की रकम सर्कुलर फंड के रूप में घुमाई जाती रही।कर्ज बढ़ता रहा और बिल डिस्काउंटिंग का दुरुपयोग किया गया।एक ग्रुप कर्ज लेता था और उस रकम से दूसरा ग्रुप अपना कर्ज चुकाता था।कर्ज मंजूरी की शर्तों का उल्लंघन किया जाता रहा।13,600 करोड़ रुपये से अधिक की रकम लोन एवरग्रीनिंग (कर्ज को नया रूप देने) के लिए खर्च की गई।12,600 करोड़ रुपये संबंधित पार्टियों को हस्तांतरित किए गए तथा 1800 करोड़ रुपये फिक्स डिपॉजिट या म्यूचुअल फंड में डाले गए।वित्त वर्ष 2019 में आरएचएफएल ने 80 प्रतिशत रकम जीपीसीएल को दी।तत्कालीन चीफ रिस्क ऑफिसर व सीईओ ने मौखिक आदेश देकर कर्ज मंजूर किए।
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अनिल अंबानी का मुंबई स्थित पारिवारिक घर तथा दिल्ली का ऑफिस भी कुर्क कर लिया गया।सार्वजनिक धन के हस्तांतरण का मामला उनके गले की हड्डी बन गया।रिलायंस कम्युनिकेशन्स लि।से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में नवी मुंबई में धीरुभाई अंबानी नॉलेज सिटी की 32 एकड़ जमीन कुर्क करने का आदेश दिया गया।नोएडा, गाजियाबाद, मुंबई, पुणे, ठाणे, हैदराबाद, चेन्नई व आंध्रप्रदेश में भी संपत्तियां कुर्क की गई।
लेख-चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
