राजस्थान में बना दुनिया का पहला ऊं आकार का मंदिर, आस्था और वास्तुकला का अद्भुत संगम

Jadan Ashram Temple: दुनिया का पहला 'ऊं' आकार का मंदिर भारत के राजस्थान में स्थित है? यह भव्य और अनोखा मंदिर हाल ही में बनकर तैयार हुआ है और अपनी विशाल संरचना व आध्यात्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
world's first 'Om' shaped temple has been built in Rajasthan, a wonderful blend of faith and architecture.
Om Shaped Temple Rajasthan (Source. Pinterest)
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Om Shaped Temple Rajasthan: क्या आप जानते हैं कि दुनिया का पहला 'ऊं' आकार का मंदिर भारत के राजस्थान में स्थित है? यह भव्य और अनोखा मंदिर हाल ही में बनकर तैयार हुआ है और अपनी विशाल संरचना व आध्यात्मिक महत्व के कारण देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। राजस्थान के पाली जिले में स्थित यह मंदिर दर्शनार्थियों को आकर्षित कर रहा है। अगर आपने अब तक इस अद्भुत मंदिर के दर्शन नहीं किए हैं, तो यहां की यात्रा आपके लिए एक यादगार अनुभव बन सकती है।

भगवान शिव को समर्पित, 270 एकड़ में फैला विशाल मंदिर

यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसका निर्माण पाली के जडन आश्रम में किया गया है। इस मंदिर की खास बात यह है कि यहां श्रद्धालु एक ही स्थान पर 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर सकते हैं। मंदिर परिसर करीब 270 एकड़ में फैला हुआ है, जो इसे देश के सबसे बड़े मंदिर परिसरों में शामिल करता है। यहां भगवान शिव की 1008 मूर्तियां स्थापित की गई हैं, जो भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। मंदिर की संरचना 1200 स्तंभों पर आधारित है और इसमें कुल 108 कमरे बनाए गए हैं। परिसर के केंद्र में गुरु माधवानंद जी की समाधि स्थित है, जो इस स्थान को और अधिक पावन बनाती है।

28 साल में पूरा हुआ निर्माण, 135 फीट ऊंचा शिखर

'ऊं' के आकार वाले इस मंदिर के निर्माण में पूरे 28 साल का समय लगा। साल 1995 में इस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, जबकि 19 फरवरी 2024 को इसका विधिवत उद्घाटन किया गया। उद्घाटन के बाद से ही यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए दर्शन हेतु खोल दिया गया है। मंदिर परिसर में कुल 7 ऋषियों की समाधियां भी स्थित हैं, जो इसकी आध्यात्मिक महत्ता को और बढ़ाती हैं।

मंदिर का मुख्य शिखर करीब 135 फीट ऊंचा है। शिखर के शीर्ष पर ब्रह्मांड की आकृति से सुसज्जित एक विशेष शिवलिंग स्थापित किया गया है। भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर चार मंजिला है और इसका निर्माण लाल पत्थरों से किया गया है।

नागर शैली की अनोखी वास्तुकला

यह मंदिर पारंपरिक नागर शैली में निर्मित है। मंदिर के हर स्तंभ पर हिंदू देवी-देवताओं की सुंदर मूर्तियां उकेरी गई हैं, जो भारतीय शिल्पकला की उत्कृष्ट मिसाल पेश करती हैं। वास्तुकला और आस्था का यह संगम इसे दुनिया के सबसे अनोखे मंदिरों में शामिल करता है।

यहां कैसे पहुंचें

मंदिर का नजदीकी एयरपोर्ट जोधपुर में स्थित है, जो यहां से लगभग 71 किलोमीटर दूर है। वहीं, नजदीकी रेलवे स्टेशन मारवाड़ स्टेशन है, जिसकी दूरी मंदिर से करीब 23 किलोमीटर है। सड़क मार्ग से भी यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।

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