कजरी तीज व्रत कर रही महिलाएं ये बातें नोट कर लें, न करें ये गलतियां, वरना निष्फल जाएगी पूजा

Kajari Teej: पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह में पड़ने वाली तीज को कजरी तीज कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन भूलकर भी कुछ गलतियां नहीं करनी चाहिए, वरना व्रत का फल नहीं मिलता है। आइए जानते है इस बारे में
कजरी तीज व्रत कर रही महिलाएं ये बातें नोट कर लें, न करें ये गलतियां, वरना निष्फल जाएगी पूजा
कजरी तीज व्रत (सौ.सोशल मीडिया)
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Kajari Teej 2025 : हर साल भादो महीने में पड़ने वाली तीज को कजरी तीज के नाम से जाना जाता है। जो इस बार 12 अगस्त, 2025 को रखा जाएगा। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है इस दिन सुहागिन महिलाएं व्रत करती हैं और पूजा-अर्चना करके अपने पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करती हैं।

इस व्रत को बड़ी तीज और सत्तू तीज के नाम से भी जाना जाता है। अगर आप इस दिन व्रत करने जा रही हैं, तो आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए।

कजरी तीज व्रत में महिलाएं भूलकर भी न करें ये गलतियां :

  • न पीएं पानी

कजरी तीज व्रत एक निर्जला व्रत है और इसमें पानी पीने की मनाही होती है। कहा जाता है कि व्रत के दौरान महिलाओं को भूलकर भी पानी नहीं पीना चाहिए। ऐसा ना करने पर व्रत खंडित हो जाता है।

  • न करें तामसिक भोजन

कहा जाता है कि, इस दिन मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक भोजन को खाने से बचना चाहिए। व्रत खोलने के बाद भी सात्विक भोजन ही करें।

  • न करें वाद विवाद

हिन्दू मतों के मुताबिक, व्रत के दिन किसी से भी झगड़ा न करें और अपशब्दों का प्रयोग न करें। मन में शांति और पवित्रता बनाए रखें।

  • सोने से बचना चाहिए

व्रत के दिन सोने से बचना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि दिन में सोने से व्रत का फल कम हो जाता है।

  • न पहनें काला वस्त्र

कजरी तीज के दिन सफेद रंग या काले रंग की कोई भी चीज नहीं पहननी चाहिए।

  • कथा जरुर सुनें

कजरी तीज के दिन महिलाओं को व्रत की कथा सुननी या पढ़नी जरूर चाहिए। मान्यता है कि व्रत कथा का पाठ किए बिना फल नहीं प्राप्त होता है।

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कजरी तीज व्रत के दिन करें इन नियमों का पालन

  • व्रत शुरू करने से पहले सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
  • व्रत का संकल्प लें।
  • भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करें।
  • सूर्योदय से पहले सरगी का सेवन करना चाहिए।
  • सरगी में फल, सूखे मेवे, और दूध का सेवन करना शुभ माना जाता है।
  • इस दिन सोलह शृंगार का विशेष महत्व है।
  • महिलाएं नए कपड़े और गहने पहनकर माता पार्वती और
  • भगवान शिव की पूजा करें।
  • रात में चंद्रमा के दर्शन के बाद ही व्रत खोला जाता है।
  • चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत का भोजन ग्रहण करें।
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