आचार्य चाणक्य नीति (सौ.सोशल मीडिया)
Chanakya 0n women: चाणक्य को अपने समय का अत्यंत विद्वान और बुद्धिमान आचार्य माना जाता है। उनके द्वारा रचित चाणक्य नीति में जीवन, परिवार और गृहस्थ व्यवस्था से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण शिक्षाएं मिलती हैं। चाणक्य के अनुसार किसी भी घर की सुख-समृद्धि और शांति में स्त्री की भूमिका बेहद अहम होती है।
उनका मानना था कि एक गुणवान, धैर्यशील और समझदार महिला परिवार को एकजुट रखती है और घर के वातावरण को सकारात्मक बनाती है। जहां स्त्री का सम्मान होता है और वह अपने कर्तव्यों का पालन बुद्धिमत्ता से करती है, वहां उन्नति और खुशहाली सदैव बनी रहती है।
चाणक्य नीति के अनुसार, जिस स्त्री की वाणी में मिठास यानी मधुरता होती है, वहां कभी क्लेश नहीं होता। कड़वे वचन बोलने वाले लोग अक्सर बनते काम बिगाड़ देते हैं, लेकिन मीठा बोलने वाली महिला कठिन से कठिन परिस्थिति को भी शांत कर देती है। नीति शास्त्र के अनुसार, ऐसी महिलाएं समाज में अपने परिवार का मान-सम्मान बढ़ाती हैं और रिश्तों में कड़वाहट नहीं आने देतीं।
चाणक्य नीति के अनुसार, धन का सही संचय ही भविष्य की सुरक्षा है। जो स्त्रियां फिजूलखर्ची से दूर रहती हैं और भविष्य के लिए पैसे बचाकर रखती हैं, उनका परिवार कभी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करता।
ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, ऐसी महिलाएं लक्ष्मी का रूप होती हैं, क्योंकि वे धन का सही प्रबंधन करना जानती हैं।
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि, जो महिला धार्मिक और संस्कारी होती है, वह अपने बच्चों को भी उत्तम शिक्षा देती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जिस घर में महिला नियमित पूजा-पाठ करती है और बड़ों का सम्मान करती है, वहां सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। ऐसी स्त्री के चरण पड़ते ही ससुराल में सुख-समृद्धि के द्वार खुल जाते हैं।
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आचार्य चाणक्य का कहना है कि, जीवन हमेशा एक जैसा नहीं रहता। कभी सुख आता है तो कभी आर्थिक तंगी। आचार्य चाणक्य के सूत्रों के मुताबिक, एक गुणवान स्त्री वही है जो बुरे वक्त में घबराने के बजाय धैर्य से काम ले।
जो महिला कम संसाधनों में भी खुशी-खुशी घर चला लेती है और अपने पति का साहस बढ़ाती है, लक्ष्मी जी सदैव उनके घर में निवास करती हैं। ऐसी महिलाएं संकट के समय परिवार की ढाल बनती हैं।