केरल का इस मंदिर मां भद्रकाली को क्यों दी जाती हैं गालियां, जानिए क्या है इसका रहस्य

BhadraKali Temple: दक्षिण भारत के केरल में मां भद्रकाली का एक ऐसा मंदिर भी है, जहां भक्त मां की आराधना गालियों के साथ करते हैं। जानिए क्या है इस मंदिर का इसका रहस्य
केरल का इस मंदिर मां भद्रकाली को क्यों दी जाती हैं गालियां, जानिए क्या है इसका रहस्य
इस मंदिर मां भद्रकाली को क्यों दी जाती हैं गालियां (सौ.सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

BhadraKali Temple: सोमवार से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत पूरे देश भर में हो गई है। इस पर्व को लेकर लोगों में अलग उत्साह और उमंग देखी जा रही है। भक्त गण मां दुर्गा की भक्ति में सराबोर होकर मां की भक्ति कर रहे हैं।

अगर बात नवरात्रि त्योहार की करें तो हिन्दू धर्म में नवरात्रि का त्योहार बड़े ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ पूरे देशभर में मनाया जाता है। क्योंकि, भारत विविधताओं वाला का देश है और यही विविधता हमारे त्योहारों में भी झलकती है।

जब बात माता रानी के नौ स्वरूपों की होती है, तो भक्त उनका पूजन विधि विधान और मंत्रोच्चार के साथ करना पसंद करते है।  माता रानी के भक्त उन्हें प्रसन्न करने के लिए नाम जप, भक्ति, धार्मिक अनुष्ठान जैसे कर्मकांड का इस्तेमाल करते  है।  लेकिन केरल में स्थित भद्रकाली का एक ऐसा मंदिर भी है, जहां भक्त उन्हें गालियां देकर पूजते हैं. जी हां! अपने बिल्कुल सही  आइए जानते हैं इस अनोखी मान्यता का क्या राज है?

यहां मां भद्रकाली को देते हैं गाली

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि केरल में मां भद्रकाली का ऐसा मंदिर स्थित है, जहां भक्त उनकी पूजा करते समय उन्हें गालियां देते हैं। सबसे खास बात है कि इस परंपरा को मां का अपमान नहीं, बल्कि श्रद्धा के रूप में देखा जाता है।

आखिर भक्त क्यों देते हैं मां भद्रकाल को गाली?

इस मंदिर में हर साल मार्च व अप्रैल के महीने में भरानी नामक त्योहार मनाया जाता है। ये त्योहार गालियों से भरा होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रक्तबीज से युद्ध के बाद मां भद्रकाली का स्वभाव बहुत ही उग्र हो गया था और उस दौरान भक्तों ने मां को गालियां देकर शांत किया था। तभी से निभाई जा रही है ये अनोखी परंपरा।

किया जाता है मां भद्रकाली का शुद्धिकरण

भरानी त्योहार समाप्त होने के बाद मां भद्रकाली की मूर्ति का चंदन से शुद्धिकरण किया जाता है। कहते हैं कि जब मां भद्रकाली का क्रोध शांत हुआ, तो उन्हें चंदन लगाया गया, ताकि फिर से मां क्रोधित न हो।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com