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रात में सोने से पहले घर के मंदिर में पर्दा लगाना न भूलें, जानिए इसका आध्यात्मिक कारण

घर में मंदिर का निर्माण करने पर व्यक्ति को भगवान की पूजा और मंदिर से जुड़े सभी नियमों के बारे में जानकारी होनी चाहिए। ऐसे ही एक नियम है कि रात को सोने से पहले मंदिर पर पर्दा लगा देना चाहिए।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Dec 28, 2024 | 06:21 PM

सोने से पहले मंदिर में जरूर लगाएं पर्दा,(सौ.सोशल मीडिया)

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Puja Niyam: हिंदू धर्म में घर में मंदिर रखने का बहुत महत्व हैं। भगवान की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को ईश्वर के आशीर्वाद से तरक्की और जीवन में सफलता मिलती हैं। ऐसे में सुख-समृद्धि की चाह पूरी करने के लिए लोग रोजाना पूजा करते हैं।

लोग घरों में भी मंदिर का निर्माण करते हैं हालांकि घर में मंदिर का निर्माण करने पर व्यक्ति को भगवान की पूजा और मंदिर से जुड़े सभी नियमों के बारे में जानकारी होनी चाहिए। ऐसे ही एक नियम है कि रात को सोने से पहले मंदिर पर पर्दा लगा देना चाहिए। आज हम आपको बताएंगे कि मंदिर में पर्दा लगाान क्यों जरूरी होता हैं। आइए जानते हैं इस बारे में-

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सोने से पहले मंदिर में जरूर लगाएं पर्दा

ज्योतिषयों के अनुसार, जिस तरह से मंदिरों में रात के समय भगवान की मूर्तियों को ढका दिया जाता है, उसी तरह से रोज रात को सोने से पहले घर के पूजा घर या मंदिर पर पर्दा डाल देना चाहिए।

कहते हैं कि रात का समय भगवान के विश्राम करने का समय होता हैं और भगवान को सोने में कोई बाधा न आए, इसलिए उनकी मूर्तियों को ढक दिया जाता है या फिर मंदिर में पर्दा लगा दिया जाता है। वहीं, सुबह आप नहाने के बाद ही भगवान की मूर्तियों या फिर पूजा घर के ऊपर से पर्दे को हटाएं।

मंदिर के पर्दे के लिए ये रंग शुभ

आपको बता दें, घर के मंदिर के पर्दे के लिए पीला रंग काफी शुभ माना जाता है। कहते हैं इसके घर के सदस्यों के मन में भक्ति का भाव उत्पन्न होता है। साथ ही मन अध्यात्म की तरफ बढ़ता है। मान्यता है कि पीला रंग का पर्दा लगाने से परिवार के लोगों में धार्मिक आस्था भी बढ़ती है। मंदिर में गुलाबी या क्रीम रंग का पर्दा भी लगाया जा सकता है।

इसके अलावा, आपने भी देखा होगा कि, मंदिर में भगवान को भोग लगाते समय भी कुछ देर के लिए पर्दा लगाया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है कि माना जाता है कि नहाना और खाना हमेशा पर्दे में ही होना चाहिए।

इन नियमों का भी रखें ध्यान

मंदिर में भगवान की मूर्ति ज्यादा बड़ी नहीं होनी चाहिए। ऐसी मूर्ति स्थापित करें जिसमें भगवान बैठे हुई अवस्था में हो। मूर्ति आकार में छोटी होनी चाहिए।

वास्तु के अनुसार, मंदिर का मुख पू्र्व दिशा की ओर होना चाहिए। इस दिशा में मंदिर का होना शुभ होता है।

भगवान की मूर्ति रखने से पहले सभी मूर्ति के नीचे कपड़ा जरूर बिछाएं। मूर्ति हमेशा साफ कपड़ा बिछाने के बाद ही रखें।

कहते हैं, मंदिर ऐसी जगह स्थापित करें जहां पर दिन में एक बार सूर्य की किरणें अवश्य आती हो। इसके साथ ही मंदिर की रोज साफ-सफाई करनी चाहिए।

 

Why is curtain lagaan necessary in the temple

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Published On: Dec 28, 2024 | 06:21 PM

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