छोटी दिवाली 2026 कब है? जानें तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

Narak Chaturdashi Puja Vidhi: छोटी दिवाली 2026 कब मनाई जाएगी? जानें 8 नवंबर की तारीख, अभ्यंग स्नान का शुभ मुहूर्त, नरक चतुर्दशी की पूजा विधि और इस पर्व का धार्मिक महत्व।
Choti Diwali Kab Hai
छोटी दिवालीफोटो.सोशल मीडिया
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  • छोटी दिवाली 2026 में 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी।

  • नरक चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर सुबह 10:49 बजे से 8 नवंबर सुबह 11:29 बजे तक रहेगी।

  • नई दिल्ली में अभ्यंग स्नान का मुहूर्त सुबह 5:41 से 6:38 बजे तक है।

  • छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी और रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है।

  • इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा, अभ्यंग स्नान और दीपक जलाने की परंपरा है।

Choti Diwali Kab Hai: दिवाली का त्योहार रोशनी, खुशियों और उत्साह का प्रतीक माना जाता है। दीपावली से जुड़ा एक खास पर्व छोटी दिवाली भी है, जिसे नरक चतुर्दशी और रूप चौदस के नाम से जाना जाता है। इस दिन सुबह अभ्यंग स्नान करने और शाम को दीपक जलाने की परंपरा है।

कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि छोटी दिवाली 2026 में किस तारीख को मनाई जाएगी और इस दिन पूजा का सही समय क्या रहेगा। आइए जानते हैं इसकी तिथि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व।

छोटी दिवाली 2026 कब है?

हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2026 में छोटी दिवाली रविवार, 8 नवंबर को मनाई जाएगी। यह पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आता है। इसे नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है। इस बार छोटी दिवाली और मुख्य दीपावली एक ही दिन पड़ रही हैं।

सुबह नरक चतुर्दशी से जुड़ी परंपराएं निभाई जाएंगी, जबकि शाम को दीपावली और मां लक्ष्मी की पूजा होगी।

छोटी दिवाली 2026 का शुभ मुहूर्त

छोटी दिवाली पर सूर्योदय से पहले अभ्यंग स्नान करना विशेष माना जाता है। नई दिल्ली के लिए 8 नवंबर को अभ्यंग स्नान का समय सुबह 5 बजकर 41 मिनट से 6 बजकर 38 मिनट तक बताया गया है।

वहीं, चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 49 मिनट से शुरू होकर 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 29 मिनट तक रहेगी। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय के अनुसार समय बदल सकता है, इसलिए अपने स्थानीय पंचांग से समय जरूर जांच लें।

छोटी दिवाली पर क्या करने की परंपरा है?

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने और स्वच्छ वस्त्र पहनने की परंपरा है। कई परिवार स्नान से पहले शरीर पर तेल और उबटन लगाते हैं। इसके बाद घर के मंदिर में दीपक जलाकर भगवान की पूजा की जाती है। शाम के समय घर के मुख्य द्वार और आसपास दीपक जलाए जाते हैं। लोग अपने घरों को साफ-सुथरा और रोशनी से सजाते हैं।

नरक चतुर्दशी का धार्मिक महत्व क्या है?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, छोटी दिवाली भगवान श्रीकृष्ण की नरकासुर पर विजय की याद में मनाई जाती है। पौराणिक कथा में बताया गया है कि भगवान कृष्ण ने नरकासुर का अंत करके लोगों को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। इसी वजह से यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इसे रूप चौदस भी कहते हैं, क्योंकि इस दिन अभ्यंग स्नान को विशेष महत्व दिया जाता है।

छोटी दिवाली पर दीपक जलाने का महत्व

छोटी दिवाली पर दीपक जलाना शुभ परंपरा का हिस्सा है। मान्यता है कि दीपों की रोशनी घर में सकारात्मकता और खुशहाली का संदेश लेकर आती है। इस दिन परिवार के लोग मिलकर घर सजाते हैं और त्योहार की खुशियां बांटते हैं। छोटी दिवाली का उद्देश्य केवल पूजा करना ही नहीं, बल्कि स्वच्छता, सद्भाव और प्रकाश के महत्व को समझना भी है।

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