इस साल कब शुरू हो रही है कांवड़ यात्रा, जानिए कितने प्रकार की होती है यात्रा, नियम जानिए
ज्योतिषयों के मुताबिक, सावन के महीने में कांवड़ यात्रा का भी विशेष महत्व होता है और बता दें कि जिस दिन सावन शुरू होता है उसी दिन से कांवड़ यात्रा भी शुरु हो जाती है। यह यात्रा सावन में शिवरात्रि तक चलती है।
- Written By: सीमा कुमारी
कब शुरू होगी कांवड़ यात्रा (सौ.सोशल मीडिया)
शिव की भक्ति और उपासना का महापर्व सावन माह हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता हैं। इस पूरे माह शिव भक्त भोलेनाथ की उपासना व अराधना करते हैं। साथ ही इस महीने कांवड़ यात्रा भी निकाली जाती है जिसमें श्रद्धालू पैदल यात्रा कर पवित्र गंगाजल लेकर आते हैं और उससे भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इस वर्ष कांवड़ यात्रा 2025 की शुरुआत 11 जुलाई से हो रही हैं।
मान्यता है कि सावन में महीने में यदि पूरी श्रद्धा के साथ भोलेनाथ की उपासना की जाए तो वह प्रसन्न होकर अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल कब है सावन और कब शुरू होगी कांवड़ यात्रा?
कब शुरू होगा शिव की भक्ति का महापर्व सावन माह
आपको बता दें, पंचांग के अनुसार सावन का महीना 11 जुलाई को रात 2 बजकर 6 मिनट पर शुरू होगा और इसका समापन 9 अगस्त को होगा। सबसे अच्छी बात है कि इस साल सावन पूरे 30 दिनों तक रहेगा जिसे बहुत ही शुभ माना जा रहा है।
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कब शुरू होगी कांवड़ यात्रा
ज्योतिषयों के मुताबिक, सावन के महीने में कांवड़ यात्रा का भी विशेष महत्व होता है और बता दें कि जिस दिन सावन शुरू होता है उसी दिन से कांवड़ यात्रा भी शुरु हो जाती है। यह यात्रा सावन में शिवरात्रि तक चलती है। इस दौरान शिव भक्त गंगाजल लेकर आते हैं और शिवरात्रि के दिन उससे शिवलिंग का अभिषेक करते हैं।
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कांवड़ यात्रा कितने प्रकार की होती है
सामान्य कांवड़ यात्रा
खड़ी कांवड़ यात्रा
दांडी कांवड़ यात्रा
डाक कांवड़ यात्रा
क्या है कांवड़ यात्रा के नियम
कांवड़ यात्रा के लिए कांवड़ियों के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं जिनका पालन न करने से यह यात्रा पूर्ण नहीं होती है।
- कांवड़ यात्रा के दौरान नशीली चीजों से दूर रहें और तामसिक व मांसाहारी भोजन न करें।
- जहां तक संभव हो, कांवड़ यात्रा पैदल ही करनी चाहिए।
- गंगा जल भरने से पहले पवित्र स्नान जरूर करना चाहिए।
- कांवड़ को जमीन पर नहीं रखना चाहिए।
- यात्रा के दौरान लोभ, मोह, क्रोध, द्वेष आदि से दूर रहें।
