क्रिसमस के दिन कब से मनाया जाने लगा ‘तुलसी पूजन दिवस’, जानिए इतिहास, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
25 दिसंबर को जहां ईसाई लोग क्रिसमस डे मनाते हैं तो वहीं हिंदू धर्म के कई लोग इस दिन तुलसी पूजन दिवस मनाते हैं। इस दिन तुलसी पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। क्रिसमस डे पर तुलसी पूजन दिवस मनाने की शुरुआत 2014 से हुई थी।
- Written By: सीमा कुमारी
दिसंबर 2024 में इस दिन है तुलसी पूजन दिवस,(सौ.सोशल मीडिया)
Tulsi Pujan Diwas 2024: 25 दिसंबर को जहां ईसाई लोग क्रिसमस डे मनाते हैं तो वहीं हिंदू धर्म के कई लोग इस दिन तुलसी पूजन दिवस मनाते हैं। इस दिन तुलसी पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। क्रिसमस डे पर तुलसी पूजन दिवस मनाने की शुरुआत 2014 से हुई थी। तुलसी के पौधे के औषधीय और धार्मिक महत्व को समझते हुए साधु-संतों और आम लोगों ने 25 दिसंबर को तुलसी पूजन दिवस के रूप में चुना। कहते हैं तब से हर साल इस दिन पर तुलसी पूजन दिवस मनाया जाता आ रहा है।
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मान्यता है कि तुलसी माता की पूजा से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद प्रदान करते है। मान्यता के अनुसार घर में सुख-शांति के लिए इस दिन माता तुलसी की पूजा अवश्य करनी चाहिए। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस बार तुलसी पूजन कब है और तुलसी माता को प्रसन्न करने के लिए किस विधि से पूजा करें-
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कब है तुलसी पूजन दिवस 2024
तुलसी पूजन हर साल 25 दिसंबर को ‘क्रिसमस डे’ के दिन मनाया जाता है। इस दिन लोग तुलसी की विधि-विधान पूजा करते हैं और उसकी परिक्रमा लगाते हैं।
ऐसे करें तुलसी पूजन दिवस पर माता तुलसी की पूजा
इस दिन सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करके लाल रंग के वस्त्र पहनने चाहिए।
फिर घर के मंदिर की साफ-सफाई करनी चाहिए। सफाई करके मंदिर को रंगोली और फूलों से सजाना चाहिए।
इसके बाद तुसली माता को जल चढ़ाना, कुमकुम लगाना और उनका श्रंगार करना चाहिए।
माता को लाल चुनरी, शृंगार का सामान, माला, पंचामृत, फल और मिठाई चढ़ाकर धूप दीप दिखाना चाहिए।
माता की पूजा के दौरान वैदिक मंत्रों का जाप अवश्य ही करना चाहिए।
आरती करके ही माता तुलसी का पूजन समाप्त करना चाहिए।
फिर, घर के सदस्यों और अन्य लोगों को माता का प्रसाद वितरित करना चाहिए।
बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना चाहिए।
साथ ही, इस दिन जरूरतमंदों की सहायता भी करनी चाहिए। माता का व्रत करने वालों को सात्विक भोजन से ही व्रत को खोलना चाहिए।
देवी तुलसी के पूजन मंत्र
1. तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी।
धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।।
लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्।
तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया।
2. महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी,
आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते।।
