शिवजी और माता पार्वती(सौ.सोशल मीडिया )
Mahashivratri Fast Rules: महाशिवरात्रि का व्रत महादेव को समर्पित सबसे कठिन और पवित्र व्रतों में से एक माना जाता है। वर्ष 2026 में यह व्रत 15 फरवरी को रखा जाएगा। इस दिन भक्त शिवजी और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा कर उपवास का संकल्प लेते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्रत के दौरान कुछ कड़े नियमों का पालन करना आवश्यक होता है, तभी इसका पूर्ण पुण्यफल प्राप्त होता है।
लेकिन ऐसी स्थिति में क्या उपाय करें जब बीच में ही गलती से महाशिवरात्रि व्रत टूट जाए। ऐसे में आइए इसे लेकर नियम उपाय आदि जानें
यदि किसी कारणवश या अनजाने में महाशिवरात्रि का व्रत टूट जाए तो घबराने की बिलकुल जरूरत नहीं है। सबसे पहले मन को शांत रखें और पश्चाताप भाव से महादेव से सच्चे हृदय से क्षमा मांगें।
व्रत खंडित होने पर पुनः स्नान कर शिवलिंग का जल या गंगाजल से अभिषेक करें। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें और अपनी सामर्थ्य अनुसार चावल, दूध या सफेद वस्त्र का दान करें। शाम को दीपदान और शिव आरती करने से मन को शांति मिलती है।
यह भी पढ़ें:-महाशिवरात्रि 2026 को कुंभ और मकर समेत इन 4 राशियों पर बरसेगी महादेव की बंपर कृपा, जबरदस्त धन आगमन के योग
महाशिवरात्रि का व्रत श्रद्धा के साथ-साथ सेहत को ध्यान में रखकर रखना चाहिए। यदि कोई बीमार या बुजुर्ग है, तो कठोर उपवास के बजाय मानसिक पूजा और मंत्र जाप पर ध्यान देना बेहतर है। महादेव भाव के भूखे हैं, इसलिए अपनी क्षमता अनुसार व्रत करें, पर्याप्त पानी पिएं और स्वास्थ्य का ध्यान रखें। सच्ची श्रद्धा और संतुलन ही व्रत का वास्तविक फल दिलाता है।