

Janmashtami Par Ghar Layein: जन्माष्टमी हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। सावन महीने की समाप्ति के साथ ही जन्माष्टमी की तैयारियां घरों में शुरू हो जाती हैं। साफ- सफाई से लेकर कान्हा के श्रृंगार, झूले और पूजा की तैयारियां की जाती हैं।
जन्माष्टमी की तैयारियां घरों में शुरू गई हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,जन्माष्टमी पूजा से पहले घर में कुछ खास चीजें लाना शुभ माना जाता है। जानिए वो चीज क्या है?
अगर आप भी कान्हा के जन्मोत्सव की तैयारी कर रहे हैं, तो पूजा से पहले कुछ खास चीजें घर जरूर लेकर आएं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन वस्तुओं को घर लाना अत्यंत शुभ माना जाता है और इन्हें कृष्ण भक्ति से भी जोड़ा जाता हैं। जन्माष्टमी से पहले किन 5 चीजों को घर लाना शुभ माना जाता है। यहां जानिए
बांसुरी को शांति व समृद्धि का प्रतीक मानी गई हैं। इसलिए जन्माष्टमी से पहले लकड़ी की बांसुरी लाना न भूलें। हम सभी को पता है कि कृष्णजी को बांसुरी कितनी प्रिय है एक बांसुरी खरीदें और उसे कृष्णजी या लड्डू गोपाल के सामने रख दें। मान्यता है कि जन्माष्टमी से पहले बांसुरी लाने से घर के सदस्यों में प्रेम भाव बना रहता है और बुरी नजर भी दूर होती है।
इस दिन बांसुरी लाने के अलावा, मोर पंख लाना भी शुभ माना जाता है। जैसाकि जानते है कि मोर पंख भगवान कृष्ण के सबसे प्रसिद्ध प्रतीकों में से एक है। कृष्णजी को अक्सर अपने मुकुट में मोर पंख पहने हुए दिखाया जाता है। इसलिए जन्माष्टमी से पहले घर में मोरपंख अवश्य लाना चाहिए। ऐसा करने से घर की नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक वातावरण बना रहता है।
अगर आप बाल गोपाल की मूर्ति लाने के लिए सोंच रहे है तो जन्माष्टमी का दिन आपके लिए शुभ हो सकता है। क्योंकि, जन्माष्टमी का दिन भगवान श्री कृष्ण के जन्म का दिन होता है। इसलिए इस दिन लड्डू गोपाल की मूर्ति घर में लाना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। इस दिन लड्डू गोपाल की मूर्ति को घर में लाकर पूजा-पाठ करने से घर में सुख समृद्धि और खुशहाली आती है।
जन्माष्टमी से पहले गाय-बछड़े की मूर्ति या तस्वीर भी लाना शुभ बताया गया है क्योंकि भगवान श्रीकृष्ण का बचपन गोकुल, गायों और ग्वाल-बालों के साथ बिता है। इसलिए कान्हा को 'गोपाल' और 'गोविंदा' भी कहा जाता है, जिसका अर्थ गायों की रक्षा करने वाला है।
मान्यता है कि घर में गाय-बछड़े की मूर्ति होने से हर परेशानी दूर होती है और तरक्की के मार्ग प्रशस्त होते है। पारंपरिक रूप से छोटी गाय-बछड़े की मूर्ति को पोषण, प्रेम, परिवार की सुरक्षा और जीवन को सहारा देने वाले मूल तत्वों के लिए कृतज्ञता से जोड़ा गया है।
अगर आपके घर में तुलसी का पौधा नहीं है तो जन्माष्टमी से पहले तुलसी का पौधा लाकर उसकी नियमित पूजा करें। ऐसा करने से घर में सुख संपत्ति और जीवन में मंगल कामना मिलती है। तुलसी को स्वच्छ स्थान पर रखें और नियमित रूप से जल अर्पित करें।