जूते-चप्पल चोरी होने पर मनाइए खुशी, वजह जानिए, और जानें दूसरे के जूते पहनना शुभ या अशुभ

आपको बता दें कि किसी दूसरे के चप्पल या जूते को पहनने के बारे में ज्योतिष शास्त्र में बहुत कुछ बताया गया है जिसे जानना आपके लिए जरूरी है। बता दें, किसी और के जूते-चप्पल पहनने से कुंडली में शनि की स्थिति कमजोर होती है।
जूते-चप्पल चोरी होने पर मनाइए खुशी, वजह जानिए, और जानें दूसरे के जूते पहनना शुभ या अशुभ
जूते से जुड़े वास्तु नियम और उपाय, (सौ.सोशल मीडिया)
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Astrology Tips: हम में से अधिकतर लोग ऐसा करते हैं कि कहीं भी बाहर जाते समय किसी की भी चप्पल जूता पहन जाते हैं या फिर घर में भी अपनी चप्पल या जूते छोड़कर दूसरों के चप्पल-जूते पहनकर घुमते हैं। लेकिन आपको बता दें कि किसी दूसरे के चप्पल या जूते को पहनने के बारे में ज्योतिष शास्त्र में बहुत कुछ बताया गया है जिसे जानना आपके लिए जरूरी है।

ज्योतिष के अनुसार पैरों में पहने जाने वाले जूते या चप्पल का संबंध शनि ग्रह से होता है, जो कि अक्सर व्यक्ति पर अपना शुभ-अशुभ प्रभाव डालता है। मसलन फटे जूते जहां किसी व्यक्ति के दुर्भाग्य के सूचक होते हैं तो वहीं उनका किसी मंदिर से चोरी हो जाना सौभाग्य का सूचक माना जाता है। ऐसे में आइए जूते से जुड़े जरूरी नियम और उपाय के बारे में विस्तार से जानते हैं-

क्या हैं जूते से जुड़े वास्तु नियम और उपाय

वास्तु के अनुसार, जिन घरों में अक्सर जूते-चप्पल अक्सर बिखरे पड़े होते हैं, उस घर के सदस्य अक्सर तमाम उलझनों से घिरे होते है। वास्तु के अनुसार घर में फुुटवियर को हमेशा दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम या फिर पश्चिम दिशा में बंद रैक में रखना चाहिए। इसके अलावा, वास्तु के अनुसार बाहर के जूते-चप्पल को कभी भी घर के भीतर नहीं पहनना चाहिए।

आपको बता दें, जूतों का चोरी हो जाना भले ही एक आम घटना मानी जाती हो लेकिन ज्योतिष में इसका बहुत महत्व होता है। ज्योतिष के अनुसार, यदि आपका फुटवियर किसी मंदिर या देवस्थान से शनिवार के दिन चोरी हो जाए तो उसके लिए दु:ख मनाने की बजाय खुश होना चाहिए, क्योंकि इससे व्यक्ति की कुंडली से शनि संबंधी दिक्कतें दूर हो जाती हैं। ऐसा होने पर व्यक्ति के जीवन से दु:ख-दुर्भाग्य दूर होता है। और खुशियां आती हैं।

यदि आपकी कुंडली में शनि आपकी परेशानी का बड़ा कारण बन रहा हो आपको शनिवार के दिन फुटवियर से जुड़ा ज्योतिष उपाय जरूर करना चाहिए।

ज्योतिष के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति शनिवार के दिन किसी मंदिर के बाहर बगैर किसी को बताए चप्पल छोड़ आए तो उसे शनि संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है। यदि आप ऐसा न कर पाएं तो आप जूते-चप्पलों का दान करके भी शनि दोष दूर कर सकते हैं।

इसके अलावा, पैरों में शनि का वास माना गया है। ऐसे में अगर आप किसी और के जूते-चप्पल पहनते हैं, तो शनि की शुभता तो जिसके जूते-चप्पल हैं। उस व्यक्ति को मिलती है। लेकिन शनि का अशुभ प्रभाव उस व्यक्ति पर पड़ता है। जिसने किसी अन्य व्यक्ति के जूते-चप्पल पहने होते हैं। बता दें कि किसी और के जूते-चप्पल पहनने से कुंडली में शनि की स्थिति कमजोर होने लगती है।

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