दिवाली पर दीया जलाने का सही नियम (सो.सोशल मीडिया)
Diwali 2024:उमंग एवं खुशियों का त्यौहार दिवाली जल्द आने वाली है। यह त्योहार अंधकार पर विजय पाने का त्योहार, जो मुख्यतः भारत के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। दिवाली का त्योहार धार्मिक और सामाजिक सीमाओं को पार करते हुए, अंधेरे पर प्रकाश की शक्ति, बुराई पर अच्छाई की जीत और अज्ञानता पर ज्ञान की विजय पाने का पर्व है। इस त्योहार में दीपक जलाकर मां लक्ष्मी का आह्वान किया जाता है। इसलिए दीपक जलाते समय कुछ नियमों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आइए जान लेते है। इन नियमों के बारे में-
ऋगवेद के अनुसार, दीपक में देवताओं का वास होता है। इसीलिए पूजन से पहले दीपक जलाने की एक विशेष परंपरा है। इसके साथ ही किसी भी शुभ कार्य को करने से पूर्व दीप को प्रज्वलित करते हैं।
शास्त्रों के अनुसार दीपक को सदैव भगवान की मूर्ति या तस्वीर के सामने ही प्रज्वलित करना चाहिए। घी का दीपक अपने बाएं हाथ की तरफ रखकर जलाएं और तेल का दीपक हमेशा दाईं ओर रखकर जलाना चाहिए।
दीपक की बाती का महत्व
ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, दीपक की बाती का भी विशेष महत्व है। घी की बाती जला रहे हैं तो दीपक में रुई की बाती का प्रयोग करना उत्तम माना गया है, वहीं जब तेल का दीपक जलाते हैं तो लाल धागे की बाती बनाना चाहिए।
दीपक रखने की सही दिशा-
दीपक जलाने के बाद उसकी दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। कई बार इस बात का लोग ध्यान नहीं रखते हैं जिस कारण नकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है।
दीपक को कभी कोनों में नहीं रखना चाहिए। दीपक को सदैव पश्चिम दिशा में न रखना चाहिए। इसके साथ ही दिवाली पर खंडित दीपक का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इससे लक्ष्मी जी नाराज होती हैं।
शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखें-
दीपक जलाते समय शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें। शुभ मुहूर्त में दीपक जलाने से लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
दक्षिण दिशा में दीपक नहीं जलाएं
दिवाली के दिन कभी भी दक्षिण दिशा में दीपक नहीं जलाएं। ऐसा करना अशुभ माना जाता है। कहते हैं कि दक्षिण दिशा यमराज की दिशा होती है। इसलिए दिवाली के दिन इस दिशा में दीपक नहीं जलाएं।