

Weekly Graha Gochar Prediction: आगामी सप्ताह ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील रहने वाला है। दिनांक 21 जून से 27 जून 2026 के बीच कई बड़े ग्रहों की स्थिति में बदलाव देखने को मिलेगा। इस समयावधि में सूर्य और बुध मिथुन राशि में गोचर करेंगे, जबकि मंगल वृषभ राशि में अपनी उपस्थिति बनाए रखेंगे।
ग्रहों के इस क्रम में आगामी 22 जून को दोपहर 2 बजकर 16 मिनट पर बुध देव राशि परिवर्तन करते हुए कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। कर्क राशि में पहले से ही गुरु और शुक्र विराजमान हैं, जिससे वहां एक अत्यंत प्रभावशाली 'त्रिग्रही योग' का निर्माण होने जा रहा है। इसके अतिरिक्त शनि मीन राशि में, राहु कुंभ में और केतु सिंह राशि में संचरण करेंगे, जबकि चंद्रमा सिंह, कन्या, तुला और वृश्चिक राशि से गुजरेंगे।
कर्क राशि में बनने वाले त्रिग्रही प्रभाव के कारण व्यापारिक जगत और कमोडिटी मार्केट में बड़ी हलचल देखने को मिलेगी। विशेष रूप से धान, गुड़, दूध, दही, तेल, मूंगफली, सरसों और सोने के दामों में तेजी आने के प्रबल संकेत हैं। हालांकि, ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह तेजी बाजार में स्थिर नहीं रहेगी और अस्थिरता बनी रहेगी। इसके विपरीत, चांदी के दामों में इस सप्ताह लगातार घट-बढ़ यानी उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। रुई के बाजार में मंदी का रुख देखा जा सकता है, जबकि आम अनाजों के भावों में स्थिरता आने की संभावना है। जून के इस आखिरी सप्ताह में शेयर बाजार में भी निवेशकों को काफी संभलकर चलना होगा, क्योंकि बाजार में अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहेगा।
यह सप्ताह धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी अत्यंत पावन है, जिसमें कई बड़े व्रत और त्यौहार मनाए जाएंगे। सप्ताह की शुरुआत में ही 22 जून को मां धूमावती जयंती मनाई जाएगी, जिसके तुरंत बाद 23 जून को महेश नवमी और महेश जयंती का पावन पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा।
इसके बाद 24 जून को पवित्र गंगा दशहरा और गायत्री प्रकटोत्सव का योग है, जिसमें गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। वहीं 25 जून को सबसे कठिन व्रतों में से एक निर्जला एकादशी (भीमसेनी एकादशी) का व्रत रखा जाएगा। सप्ताह के अंत में 27 जून को दक्षिण भारतीय पद्धति के अनुसार वटसावित्री व्रतारंभ, प्रदोष व्रत और बड़ा महादेव पूजन संपन्न होगा।