

Astrological Remedies For Mangal Dosh: ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस और पराक्रम का कारक माना गया है। हालांकि, कुंडली में मंगल की कुछ विशेष स्थितियां मांगलिक दोष या मंगल दोष का निर्माण करती हैं। मान्यता है कि इस दोष के कारण विवाह में देरी, वैवाहिक जीवन में तनाव और पारिवारिक मतभेद जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यही वजह है कि विवाह से पहले कुंडली मिलान के दौरान मंगल दोष का विशेष रूप से विचार किया जाता है।
ज्योतिष के अनुसार जब मंगल ग्रह जन्म कुंडली के प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में स्थित होता है, तब मंगल दोष बनता है। ऐसे जातकों के स्वभाव में जल्द क्रोधित होने की प्रवृत्ति, रिश्तों में तनाव, विवाह में रुकावट और जीवन में संघर्ष की स्थिति देखने को मिल सकती है। हालांकि उचित उपायों और पूजा-पाठ से इसके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
मंगल दोष को शांत करने के लिए मंगलवार के दिन बजरंगबली की विधिवत पूजा करें। हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें तथा श्रद्धापूर्वक हनुमान चालीसा का पाठ करें। नियमित रूप से मंगलवार का व्रत रखने से भी मंगल के अशुभ प्रभाव कम होने लगते हैं।
मंगल ग्रह का संबंध लाल रंग से माना जाता है। इसलिए मंगलवार को लाल मसूर की दाल, लाल वस्त्र, तांबे के पात्र, गुड़ या लाल पुष्प का दान करना शुभ माना जाता है। यह उपाय मंगल ग्रह को मजबूत करने और दोष के प्रभाव को कम करने में सहायक माना जाता है।
भगवान शिव की आराधना मंगल दोष निवारण के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। मंगलवार को शिवलिंग पर जल और लाल चंदन अर्पित करें तथा ‘ॐ नमः शिवाय’ और महामृत्युंजय मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। इससे मानसिक शांति और वैवाहिक जीवन में सकारात्मकता आती है।
मंगल ग्रह को मजबूत करने के लिए मूंगा रत्न धारण किया जाता है। हालांकि इसे पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी से कुंडली का विश्लेषण अवश्य करवा लें। सही विधि और उचित सलाह के साथ पहना गया मूंगा मंगल के शुभ परिणाम प्रदान कर सकता है।
मंगल ग्रह को प्रसन्न करने के लिए मंगलवार के दिन मंगल देव की पूजा करें और ‘ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः’ अथवा ‘ॐ अं अंगारकाय नमः’ मंत्र का 108 बार जप करें। नियमित मंत्र जाप से मंगल दोष के दुष्प्रभाव कम होने लगते हैं।
अंगारेश्वर महादेव मंदिर को मंगल दोष निवारण के लिए अत्यंत पवित्र और सिद्ध स्थल माना जाता है। मान्यता है कि यहां भगवान शिव के स्वरूप पर विशेष भात पूजन करने से मंगल दोष शांत होता है और विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं। इसलिए कई श्रद्धालु मंगल दोष से मुक्ति की कामना लेकर यहां पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं।