

Vishwakarma Puja Muhurat: हर साल कन्या संक्रांति के अवसर पर भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाती है। भगवान विश्वकर्मा को हिंदू परंपरा में शिल्प, निर्माण और वास्तुकला से जुड़ा देवता माना जाता है। इसी वजह से इस दिन केवल भगवान विश्वकर्मा की पूजा के साथ रोजाना काम में इस्तेमाल होने वाले औजार, मशीनें और उपकरण की भी पूजा की जाती है।
आज काम करने का तरीका मशीनी हो गया है। फैक्ट्री और वर्कशॉप की मशीनों के साथ कंप्यूटर, लैपटॉप और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी रोजमर्रा के काम का जरूरी हिस्सा बन गए हैं। ऐसे में विश्वकर्मा पूजा पर लोग अपने काम से जुड़े इक्विपमेंट्स की भी पूजा करते हैं।
विश्वकर्मा पूजा का मुख्य भाव काम में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों के प्रति सम्मान से जुड़ा है। इसलिए ऑफिस या घर से काम करने वाले लोग अपने लैपटॉप, कंप्यूटर, प्रिंटर, कैमरा आदि को साफ करके पूजा स्थल के पास रखते हैं और मशीनों व औजारों पर रोली, चंदन, अक्षत और फूल-प्रसाद अर्पित करके पूजा करता हैं।
हालांकि इलेक्ट्रॉनिक सामान पर पानी, गंगाजल या तेल सीधे डालने से बचना चाहिए। पूजा के दौरान उपकरणों को नुकसान से बचाएं।
फैक्ट्री और वर्कशॉप की मशीनें
हथौड़ा, पेचकस, ड्रिल जैसे औजार
सिलाई मशीन और दूसरे कामकाजी उपकरण
कंप्यूटर और लैपटॉप
प्रिंटर, कैमरा और ऑफिस गैजेट्स
वाहन और निर्माण से जुड़े उपकरण
दुकान या कारोबार में इस्तेमाल होने वाली मशीनें
पूजा से पहले कार्यस्थल और उपकरणों की अच्छी तरह सफाई करें। मशीनों को साफ करते समय उनकी बिजली सप्लाई बंद रखें। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर लिक्विड न डालें। अगर किसी बड़ी मशीन की पूजा करनी है तो उसके आसपास पर्याप्त जगह रखें और पूजा के दौरान मशीन को चालू न करें।
धूप, कपूर या दीपक को इलेक्ट्रॉनिक सामान, तारों और ज्वलनशील चीजों से दूर रखें। पूजा के बाद ही मशीनों और उपकरणों को सामान्य काम में इस्तेमाल करें।
सबसे पहले स्नान करके साफ कपड़े पहनें और पूजा स्थल व कार्यस्थल की सफाई करें। चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। दीपक जलाकर रोली, चंदन, अक्षत, फूल, फल और मिठाई अर्पित करें। इसके बाद अपने काम से जुड़े औजारों और मशीनों पर भी रोली, चंदन और फूल अर्पित कर भगवान विश्वकर्मा का ध्यान करें। अंत में आरती करें और सभी में प्रसाद का वितरण करें।