

Jyeshtha Amavasya Kab Hai: अमावस्या हिंदू धर्म के पवित्र और पुण्यदायी तिथियों में एक है। यह तिथि पितरों को समर्पित होती है, इसलिए इस दिन गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान और पितरों के लिए तर्पण-श्राद्ध करना बहुत शुभ बताया गया है। ज्योतिषयों के अनुसार, इस तिथि का महत्व तब और अधिक बढ़ जाता है जब यह ज्येष्ठ मास में पड़ती है। इस साल ज्येष्ठ महीने की अमावस्या (Jyeshtha Amavasya Date) 16 मई 2026, शनिवार को मनाया जाएगा।
स्नान-दान का मुहूर्त : सुबह 08:55 से सुबह 10:40 तक का समय विशेष रूप से फलदायी माना गया है।
शास्त्रों में ज्येष्ठ अमावस्या को पितरों की शांति और मोक्ष के लिए विशेष तिथि बताया गया है। इस दिन पितरों का तर्पण और श्राद्ध करने से पितृ दोष दूर होने की मान्यता है। साथ ही शनिदेव और पीपल वृक्ष की पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है। वहीं धार्मिक ग्रंथों की बात करें तो, इस दिन दान और तप करने से अनेक जन्मों के पापों का नाश होता है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।