Puja Room Vastu: पूजा घर में करें ये छोटे बदलाव, जीवन में आएंगे बड़े सकारात्मक परिवर्तन
Vastu Tips For Puja Ghar: अपने पूजा कक्ष को अधिक सकारात्मक और शांतिमय बनाने के लिए सरल वास्तु के उपायों को जानेंगे और उसका अनुसरण करेंगे। इससे जीवन में नवऊर्जा का संचार होगा।
- Written By: रीता राय सागर
पूजा घर वास्तु (फोटो.सोशल मीडिया)
Vastu Tips For Puja Room: आपके जीवन में आने वाली अनेक समस्याओं का निवारण वास्तु दोष को ठीक करके किया जा सकता है। चाहे वो परेशानियां स्वास्थ्य संबंधित, धन से संबंधित, शिक्षा से संबंधित, विवाह संबंधित, रिलेशनशिप से संबंधित ,नौकरी या भविष्य से संबंधित, व्यवसाय से संबंधित, किसी भी क्षेत्र से संबंधित क्यों न हो।
घर का सबसे शुद्ध और निर्मल स्थान पूजा कक्ष को माना जाता है। यहीं से व्यक्ति अपने दिन की शुरुआत करता है। यही वो जगह है, जहां बैठकर हम अपनी पूजा, प्राथनाएं और ध्यान करते हैं। पूजा कक्ष में देवताओं का वास होता है। इसलिए पूजा कक्ष में सामंजस्यपूर्ण, शांतिपूर्ण, शुद्ध और सकारात्मक वातावरण बनाना जरूरी है।
इन उपायों से पूजा कक्ष में आएगी पॉजिटिविटी
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शुद्धता से करें शुरुआत
घर के भीतर पवित्रता और शुद्धता बनाएं रखना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि यही आपके घर में और आपके भीतर नकारात्मक उर्जा का नाश कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। इसलिए पूजा कक्ष के साथ-साथ घर के हर कोने को भी शुद्ध बनाने का प्रयास करें।
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स्वच्छता का रखें ख़्याल
पूजा कक्ष या घर में हमेशा साफ सफाई और स्वछता भरा माहौल होना चाहिए। पूजा कक्ष में हमेशा बाहर जूते खोलकर ही जाएं और जहां तक संभव हो सके जूते घर के बाहर ही रखने का प्रयास करें। क्योंकि जूतों के साथ निगेटिविटी भी प्रवेश करती है। जूते अपने साथ बाहर की गन्दगी, कीचड़, कीटाणुओं के साथ नकारात्मक ऊर्जा भी लेकर आते हैं। बाहर से आप जब भी आए या फिर पूजा कक्ष में जाएं, उससे पहले खुद की स्वच्छता पर भी अवश्य ध्यान दें। अंदर जाने से पहले हाथ-पैर को अच्छे से धोएं।
पूजा घर वास्तु (फोटो.सोशल मीडिया)
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नकारात्मकता को करें दूर
कहा जाता है संगीत में बहुत उर्जा होती है, जो आपके घर और चित दोनों को सुखद एहसास देती है। पूजा या आरती करते समय हमेशा घंटी बजाने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से घर में तरंगों का संचार होता है और यही ध्वनि आपके घर के वातावरण को पवित्र बनाती है। घंटे की आवाज से नकारात्मक ऊर्जा आपके आसपास से दूर हो जाती है।
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पुष्पांजलि करें
पूजा करते समय हमेशा अधिक से अधिक फूलों का उपयोग करें। भगवान को जितने अधिक फूल अर्पित किए जाएंगे, उतनी ही अधिक घर में सकारत्मकता बनी रहेगी। फूलों से घर में भीनी-भीनी सी खूशबू बनी रहेगी, जिससे मन अच्छा होगा। इसके लिए तुलसी के पत्तों, बेल के पत्तों, गेंदे के फूलों, लाल गुड़हल के फूलों का भी उपयोग किया जा सकता है।
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रोशनी व लाईट का करें उपयोग
पूजा घर में भरपूर रोशनी होना चाहिए। उस स्थान पर अंधेरा ना हो उतना ही अच्छा माना जाता है। इसके लिए मिट्टी के दीपक, कपूर ,धूप ,अगरबत्ती आदि को जलाकर वहां सकारात्मक ऊर्जा लाई जा सकती है। कुछ हद तक आर्टिफिशियल लाइट का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
